दानापुर स्टेशन पर बेड़ियों में मिला बुजुर्ग: मानसिक बीमारी के चलते बेटों ने लगाए ताले, मानवता पर उठे सवाल
बिहार के दानापुर रेलवे स्टेशन पर एक बुजुर्ग व्यक्ति को पैरों में बेड़ियों और तालों के साथ देखा गया, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। यह मामला मानव संवेदनाओं और मानसिक स्वास्थ्य देखभाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, यह बुजुर्ग जमुई जिले के रहने वाले जितेंद्र ताती हैं, जो पिछले करीब आठ महीनों से इसी स्थिति में हैं। बताया जा रहा है कि उनके बेटों ने उनकी मानसिक बीमारी के कारण उन्हें बेड़ियों में जकड़कर रखा था।
स्थानीय लोगों ने जब उन्हें स्टेशन पर इस हालत में देखा तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दी। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू कर दी गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, परिवार का कहना है कि बुजुर्ग की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, जिसके कारण उन्हें खुद और दूसरों को नुकसान पहुंचाने से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया था। हालांकि, इस तरह उन्हें बेड़ियों में रखने को लेकर लोगों में नाराजगी और चिंता दोनों देखी गई।
सूचना मिलने के बाद रेलवे और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति की जांच की। अधिकारियों ने बुजुर्ग को सुरक्षित स्थान पर भेजने और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस घटना ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में इलाज की उपलब्धता पर गंभीर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में उचित चिकित्सा और काउंसलिंग के बिना इस तरह के कठोर कदम स्थिति को और बिगाड़ सकते हैं।
फिलहाल प्रशासन मामले की जांच कर रहा है और बुजुर्ग को उचित उपचार दिलाने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।

