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BUXSAR  पीएचसी बंद रहने से गेट पर तड़प-तड़प कर मरीज ने दे दी जान

 स्वास्थ्य सेवा को बेहतर करने के तमाम प्रयासों के बीच जिले के केसठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से व्यवस्था को शर्मसार करने वाला वाकया हुआ है। यहां देर रात पीएचसी बंद रहने के कारण एक मरीज की जान चली गई। गौरतलब है कि जिले के प्रभारी मंत्री मंगल पांडेय सूबे के स्वास्थ्य मंत्री भी हैं। सुबह मरीज की मौत की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां जुट गए और जमकर हंगामा किया।  जानकारी के अनुसार सोमवार को लगभग 12 बजे रात में केसठ गांव निवासी 61 वर्षीय उमेश सिंह का अचानक तबियत खराब होने पर उमेश सिंह अपने पत्नी व स्थानीय वार्ड सदस्य प्रतिनिधि शंकर यादव के साथ केसठ स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। जहां पहले से ही गेट बंद था। मरीज दर्द से तड़प रहा था। साथ पहुंचे लोगों द्वारा गेट खुलवाने के काफी प्रयास किया गया, लेकिन गेट नही खुलने पर मरीज जान बचाने का गुहार लगाते हुए जान बचा लेरे बबुआ कहते हुए चिल्लाता रहा। काफी देर बाद अंदर से आवाज आई कि कोई डाक्टर नहीं है। जिसके बाद मरीज को कहीं और ले जाने के लिए स्वजन भागे लेकिन तबतक काफी देर हो चुकी थी और मरीज ने दम तोड़ दिया। इस घटना से मृतक की पत्नी व परिजन का रो-रो कर बुरा हाल है। मृतक की पत्नी रो रो कर कह रही थी कि गेट खोल इलाज हो गया होता तो उसके पति की जान बच जाती। घटना की सूचना सुबह में पूरे गांव में जंगल की आग की तरह फैल गई। उग्र ग्रामीण स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे गए। और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ विरोध जताया। घटना की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे मुखिया धनजंय यादव उर्फ विधायक ने कहा कि सुबह के 9 बजे तक स्वास्थ्य केंद्र में कोई चिकित्सक नही है। अपने से चलकर आए मरीज का गेट नही खुलने से हुई मौत को निदनीय बताते हुए। इसकी जांच कर दोषियों पर करवाई की मांग की है। इस संदर्भ में जब प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी शत्रुघ्न प्रसाद से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि रात्रि में डा.धर्मदेव सिंह डयूटी पर थे। डिलेवरी के लिए आए मरीज के परिजनों द्वारा छोटा गेट बंद कर दिया गया था, जो हमेशा खुला रहता है। इस स्थिति में मरीज की मौत हो गई जिसका उन्हें भी दुख है। चाहे मामला जो भी रात्रि में मरीज के बार बार गुहार के बाद गेट नही खुलना व मरीज की मौत हो जाना स्वास्थ्य विभाग के लापरवाही को पूरी तरह उजागर करता है। ग्रामीणों ने दोषियों पर करवाई की मांग संबंधित अधिकारी से की है।

बिहार न्यूज़ डेस्क !!! देर रात पीएचसी बंद रहने के कारण एक मरीज की जान चली गई। जिले के प्रभारी मंत्री मंगल पांडेय सूबे के स्वास्थ्य मंत्री भी हैं। सुबह मरीज की मौत की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां जुट गए और जमकर हंगामा किया।जानकारी के अनुसार सोमवार को लगभग 12 बजे रात में केसठ गांव निवासी 61 वर्षीय उमेश सिंह का अचानक तबियत खराब होने पर उमेश सिंह अपने पत्नी व स्थानीय वार्ड सदस्य प्रतिनिधि शंकर यादव के साथ केसठ स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। जहां पहले से ही गेट बंद था। मरीज दर्द से तड़प रहा था। साथ पहुंचे लोगों द्वारा गेट खुलवाने के काफी प्रयास किया गया, लेकिन गेट नही खुलने पर मरीज जान बचाने का गुहार लगाते हुए जान बचा लेरे बबुआ कहते हुए चिल्लाता रहा। काफी देर बाद अंदर से आवाज आई कि कोई डाक्टर नहीं है। जिसके बाद मरीज को कहीं और ले जाने के लिए स्वजन भागे लेकिन तबतक काफी देर हो चुकी थी और मरीज ने दम तोड़ दिया। इस घटना से मृतक की पत्नी व परिजन का रो-रो कर बुरा हाल है। मृतक की पत्नी रो रो कर कह रही थी कि गेट खोल इलाज हो गया होता तो उसके पति की जान बच जाती। घटना की सूचना सुबह में पूरे गांव में जंगल की आग की तरह फैल गई।

घटना की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे मुखिया धनजंय यादव उर्फ विधायक ने कहा कि सुबह के 9 बजे तक स्वास्थ्य केंद्र में कोई चिकित्सक नही है।खबरों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि,स्वास्थ्य सेवा को बेहतर करने के तमाम प्रयासों के बीच जिले के केसठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से व्यवस्था को शर्मसार करने वाला वाकया हुआ है। अपने से चलकर आए मरीज का गेट नही खुलने से हुई मौत को निदनीय बताते हुए। इसकी जांच कर दोषियों पर करवाई की मांग की है। इस संदर्भ में जब प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी शत्रुघ्न प्रसाद से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि रात्रि में डा.धर्मदेव सिंह डयूटी पर थे। डिलेवरी के लिए आए मरीज के परिजनों द्वारा छोटा गेट बंद कर दिया गया था, जो हमेशा खुला रहता है। इस स्थिति में मरीज की मौत हो गई जिसका उन्हें भी दुख है। चाहे मामला जो भी रात्रि में मरीज के बार बार गुहार के बाद गेट नही खुलना व मरीज की मौत हो जाना स्वास्थ्य विभाग के लापरवाही को पूरी तरह उजागर करता है। ग्रामीणों ने दोषियों पर करवाई की मांग संबंधित अधिकारी से की है।

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