राज्यभर में डिप्लोमा कंप्यूटर शिक्षकों की जांच, 24 घंटे में रिपोर्ट देने के निर्देश
शिक्षा विभाग ने डिप्लोमा धारक कंप्यूटर शिक्षकों की जांच शुरू कर दी है। यह कदम पटना उच्च न्यायालय के आदेश के बाद उठाया गया है। उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया था कि ऐसे शिक्षकों की नियुक्ति और उनके कार्यस्थल की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने सभी जिलों के अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर आवश्यक ब्योरा भेजने का आदेश दिया है। इसमें शामिल विवरणों में शिक्षकों की संख्या, उनके कार्यस्थल, नियुक्ति प्रक्रिया और उनके खिलाफ यदि कोई कार्रवाई हुई हो तो उसका ब्योरा शामिल है।
सूत्रों के अनुसार, यह जांच इस बात की पुष्टि करने के लिए की जा रही है कि क्या राज्य के सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षकों की नियुक्ति नियम और योग्यताओं के अनुसार हुई है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि किन शिक्षकों को डिप्लोमा या अन्य न्यूनतम योग्यता के बिना नियुक्त किया गया हो।
भागलपुर सहित राज्य के सभी जिलों से विवरण मांगा गया है। अधिकारियों ने कहा कि जिलेवार रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद शिक्षा विभाग सभी अनियमितताओं का निष्पक्ष और त्वरित निरीक्षण करेगा। यदि नियमों के उल्लंघन पाए जाते हैं, तो शिक्षकों के खिलाफ कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की जांच से न केवल नियमों का पालन सुनिश्चित होगा, बल्कि स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर शिक्षा के क्षेत्र में योग्य और प्रशिक्षित शिक्षक होना आवश्यक है, ताकि छात्रों को सही प्रशिक्षण मिल सके।
शिक्षक संघ ने इस कदम का स्वागत किया है, लेकिन उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि जांच प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष हो। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षक को बिना प्रमाण के दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए।
पटना उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि राज्य सरकार और शिक्षा विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी शिक्षकों की नियुक्ति नियमों के अनुसार हुई हो। अदालत ने इस संबंध में समयबद्ध कार्रवाई करने की भी मांग की है।
जिला अधिकारियों ने बताया कि वे तेजी से विवरण एकत्र कर शिक्षा विभाग को भेज रहे हैं। इस प्रक्रिया में कंप्यूटर शिक्षक के प्रशिक्षण प्रमाणपत्र, नियुक्ति पत्र और कार्य स्थल के दस्तावेज की भी समीक्षा की जाएगी।
इस जांच का लक्ष्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, नियमों का पालन और गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। भागलपुर और अन्य जिलों में अधिकारियों ने इस दिशा में कड़ा रुख अपनाया है और सभी आवश्यक दस्तावेजों को जल्द से जल्द उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
राज्यभर में डिप्लोमा कंप्यूटर शिक्षकों की यह जांच आगामी दिनों में शिक्षा विभाग और न्यायालय के समक्ष रिपोर्ट के रूप में पेश की जाएगी। इससे न केवल शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में सुधार आएगा, बल्कि छात्रों को भी सक्षम और योग्य शिक्षकों से शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

