Samachar Nama
×

दिल्ली सरकार का 2026-27 ‘ग्रीन बजट’ पेश, 21.44% राशि हरित योजनाओं के लिए निर्धारित

दिल्ली सरकार का 2026-27 ‘ग्रीन बजट’ पेश, 21.44% राशि हरित योजनाओं के लिए निर्धारित  नई दिल्ली।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए हाल ही में राज्य का ‘ग्रीन बजट’ पेश करते हुए पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया है। इस बजट को संतुलित और व्यापक बताया जा रहा है, जिसमें आर्थिक विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारियों पर विशेष ध्यान दिया गया है।

कुल मिलाकर इस वित्तीय वर्ष के लिए राज्य का बजट 1,03,700 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। इसमें से 22,236 करोड़ रुपये यानी लगभग 21.44 प्रतिशत राशि विशेष रूप से हरित योजनाओं (ग्रीन प्रोजेक्ट्स) के लिए आवंटित की गई है। सरकार का कहना है कि यह कदम दिल्ली को प्रदूषण मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने बजट प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस राशि का उपयोग स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा। उनका कहना है कि सरकार का उद्देश्य केवल विकास करना नहीं है, बल्कि विकास को टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल बनाना भी है।

इस बजट में कुल 17 प्रमुख विभागों को चरणबद्ध तरीके से धनराशि आवंटित की गई है, ताकि हर क्षेत्र में योजनाओं का समन्वित और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, यह मॉडल इस तरह तैयार किया गया है कि किसी एक क्षेत्र पर दबाव न पड़े और सभी विभाग मिलकर हरित लक्ष्यों को हासिल कर सकें।

Rekha Gupta ने अपने संबोधन में कहा कि दिल्ली सरकार का ध्यान अब केवल बुनियादी ढांचे के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी उतनी ही प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण दिल्ली की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है और इसे दूर करने के लिए दीर्घकालिक नीतियों की आवश्यकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बजट में हरित योजनाओं के लिए इतनी बड़ी हिस्सेदारी आवंटित करना एक सकारात्मक संकेत है। इससे न केवल पर्यावरणीय स्थिति में सुधार की उम्मीद है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं, विशेषकर ग्रीन टेक्नोलॉजी और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में।

बजट में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रोत्साहन, सार्वजनिक परिवहन को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने और शहरी हरियाली बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। साथ ही जल संरक्षण परियोजनाओं और ठोस कचरा प्रबंधन प्रणालियों को मजबूत करने की योजना भी शामिल है।

राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर इस बजट को दिल्ली के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि यदि योजनाओं का सही ढंग से क्रियान्वयन किया गया, तो आने वाले वर्षों में दिल्ली की वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

कुल मिलाकर, यह ग्रीन बजट दिल्ली को एक आधुनिक, स्वच्छ और टिकाऊ शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जो पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन स्थापित करने का लक्ष्य रखता है।

Share this story

Tags