पटना जंक्शन पर ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें, कोहरे और परिचालन कारण बने वजह
राजधानी पटना के प्रमुख रेलवे स्टेशन पटना जंक्शन पर बुधवार को यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कोहरे और परिचालन संबंधी कारणों के चलते कई महत्वपूर्ण ट्रेनें घंटों की देरी से चलीं। प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा, जिससे खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, उत्तर भारत के कई हिस्सों में घने कोहरे का असर ट्रेनों के परिचालन पर पड़ा है। इसके अलावा ट्रैक क्लीयरेंस और अन्य तकनीकी कारणों से भी ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई। सबसे अधिक देरी मगध एक्सप्रेस में देखी गई, जो अपने निर्धारित समय से सात घंटे से अधिक विलंब से रवाना हुई।
इसके अलावा संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस और साउथ बिहार एक्सप्रेस जैसी प्रमुख और व्यस्त ट्रेनों को भी चार से पांच घंटे तक लेट चलना पड़ा। इन ट्रेनों से दिल्ली, मुंबई और अन्य बड़े शहरों की यात्रा करने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें ट्रेन की सही जानकारी समय पर नहीं मिल पाई, जिससे असमंजस की स्थिति बनी रही।
पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म पर सुबह से ही भीड़ जमा हो गई थी। ठंड और कोहरे के बीच यात्रियों को फर्श पर बैठकर या खड़े होकर घंटों इंतजार करना पड़ा। कुछ यात्रियों ने बताया कि खाने-पीने और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था न होने से परेशानी और बढ़ गई।
रेलवे प्रशासन की ओर से अनाउंसमेंट के जरिए यात्रियों को देरी की जानकारी दी जाती रही, लेकिन बार-बार समय बदलने से यात्री नाराज नजर आए। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपनी नाराजगी जाहिर की और रेलवे से बेहतर प्रबंधन की मांग की।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोहरे के दौरान ट्रेनों की गति नियंत्रित की जाती है। ऐसे में देरी unavoidable हो जाती है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि परिचालन व्यवस्था को सामान्य करने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं और जैसे ही मौसम साफ होगा, ट्रेनों का संचालन पटरी पर लौट आएगा।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले एनटीईएस (NTES), रेलवे हेल्पलाइन 139 या अधिकृत रेलवे ऐप के जरिए अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें। इससे अनावश्यक इंतजार और परेशानी से बचा जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों के मौसम में कोहरे के कारण ट्रेनों का लेट होना आम बात है, लेकिन यात्रियों को समय पर सटीक जानकारी देना रेलवे की जिम्मेदारी है। इससे यात्रियों का भरोसा बना रहता है और भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलती है।

