बिहार के भागलपुर शहर में चल रही डीप बोरिंग पेयजल परियोजना में अनिश्चितकालीन देरी के चलते नगर निगम प्रशासन ने ठेकेदार को कड़ा निर्देश दिया है। यह परियोजना वार्ड‑20 के सामुदायिक भवन के पास पानी की मुख्य आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु शुरु की गई थी, लेकिन डेढ़ साल के बाद भी इसका कार्य पूरा नहीं हो पाया है।
इस योजना के तहत करीब एक नई बोरिंग मशीन लगाई गई थी, ताकि पुराने क्षतिग्रस्त बोरिंग की जगह से स्वच्छ भूजल निकाला जा सके। हालांकि ठेकेदार ने करीब नौ महीने पहले ही बोरवेल मशीन लगाकर मोटर‑पावर कनेक्शन लगाया था, लेकिन उसके बाद से न तो पानी कनेक्शन पूरा हुआ और न ही मोटर को बिजली से जोड़ने का कार्य पूरा हुआ है।
नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि इतनी लंबी देरी से न केवल परियोजना का समयसीमा बाधित हो गई है, बल्कि इलाके के निवासियों को नियमित जलापूर्ति मिलने में भी बाधा आ रही है। इसीलिए निगम ने ठेकेदार को कार्य पूरी करने के लिए चेतावनी जारी करते हुए स्पष्ट समयसीमा देने को कहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम की शुरुआत हो चुकी है और बिना स्थाई पेयजल व्यवस्था के कई मोहल्लों में लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कुछ इलाकों में पानी की आपूर्ति टैंकरों के माध्यम से की जा रही है, लेकिन यह अस्थायी समाधान भर है।
नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया है कि इस तरह के बुनियादी ढांचे के कामों की समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए ठेकेदारों के काम की नियमित समीक्षा की जाएगी और यदि आवश्यक हुआ तो नियमानुसार अन्य ठोस कदम भी उठाए जाएंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के पेयजल प्रोजेक्टों का समय पर पूरा न होना स्थानीय जनता के लिए गंभीर चिंता का विषय है, खासकर गर्मी में जब जल संकट अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन और ठेकेदार के बीच सहयोग और जिम्मेदारी तय करना बेहद आवश्यक है ताकि भविष्य में कोई और देरी न हो और लोगों को निर्बाध जलापूर्ति मिल सके।

