दिल्ली में मामी और उसकी छह साल की बेटी की हत्या कर शव को पलंग के भीतर छिपाने वाले आरोपी दिनदयाल झा को दिल्ली पुलिस ने दरभंगा के नगर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी 20 फरवरी को वारदात को अंजाम देने के बाद दिल्ली से फरार हो गया था और हरिद्वार के रास्ते दरभंगा पहुंचा था।
आरोपी का मूल निवास मधुबनी जिले के झंझारपुर थाना क्षेत्र में है। घटना ने दिल्ली में सनसनी फैला दी थी, जब पता चला कि आरोपी ने अपनी मामी और छोटी बहन जैसी मासूम बच्ची की हत्या कर शव को पलंग में छिपाकर फरार हो गया।
दरभंगा के एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि दिल्ली पुलिस दरभंगा पहुंची थी और वारदात के आरोपी को गिरफ्तार कर अपने साथ दिल्ली ले गई। उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज है और उसे कानूनी कार्रवाई के तहत न्यायालय में पेश किया जाएगा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस और दरभंगा पुलिस ने मिलकर गुप्त जानकारी और तकनीकी सहायता का इस्तेमाल किया। आरोपी हरिद्वार होते हुए दरभंगा पहुंचा था और स्थानीय ठिकानों की तलाश में था। गिरफ्तार किए जाने के बाद आरोपी को दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
घटना 20 फरवरी को हुई थी, जब दिल्ली में आरोपी ने अपनी मामी और उसकी छह साल की बेटी की हत्या कर दी थी। घटना का तरीका और आरोपी का फरार होना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण था। शुरुआती जांच में पता चला कि आरोपी ने शव को पलंग के अंदर छिपाया और तुरंत फरार हो गया।
स्थानीय और राष्ट्रीय मीडिया में इस हत्या ने बड़ा हल्ला मचाया था। दिल्ली पुलिस ने तुरंत फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी। आरोपी की गिरफ्तारी से पुलिस ने यह सुनिश्चित किया कि न्याय की प्रक्रिया पूरी हो सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि परिवार के भीतर होने वाले अपराध अक्सर सबसे संवेदनशील और जटिल होते हैं। इस मामले में भी आरोपी और पीड़ित परिवार के बीच संबंध होने के कारण जांच और गिरफ्तारी में अतिरिक्त सावधानी बरती गई।
स्थानीय लोगों ने इस गिरफ्तारी को स्वागत योग्य बताया और पुलिस की तत्परता की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के अपराध पर सख्त कार्रवाई और समय पर गिरफ्तारी से समाज में कानून का सम्मान बढ़ता है और भविष्य में अपराधियों के लिए चेतावनी बनती है।
दिल्ली में हुई इस हत्या की घटना ने परिवारों और समाज में सुरक्षा की चिंता को बढ़ा दिया था। पुलिस ने अब यह सुनिश्चित किया है कि आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के तहत न्यायालय में पेश किया जाएगा और पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।
इस घटना ने साफ कर दिया कि अपराधी चाहे कितनी भी दूर क्यों न भाग जाएँ, पुलिस की सक्रियता और सहयोगी एजेंसियों के संयुक्त प्रयास से उन्हें जल्द पकड़ लिया जाता है। दिल्ली और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने इस मामले में एक उदाहरण स्थापित किया है।

