साइबर ठगों की नई चालबाजी ने लोगों की सुरक्षा के लिए चेतावनी बढ़ा दी है। अब ये अपराधी ‘सब्सक्रिप्शन स्कैम’ के माध्यम से लोगों के बैंक खातों से चुपचाप पैसे काट रहे हैं। इस प्रकार के घोटाले में सबसे पहले मुफ्त ट्रायल का लालच देकर उपयोगकर्ताओं से उनके कार्ड विवरण लिए जाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इसके बाद बिना किसी चेतावनी के ऑटो-डेबिट चालू कर दिया जाता है। इस प्रक्रिया में पीड़ित को अक्सर तब तक पता नहीं चलता जब तक बैंक स्टेटमेंट में अनजान कटौती दिखाई न दे। साइबर ठग इस स्कैम के जरिए लगातार बड़ी रकम निकालते हैं, जिससे सामान्य नागरिकों के लिए आर्थिक नुकसान बढ़ता है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेताया है कि “इस तरह के स्कैम में अपराधी आपको आकर्षक ऑफर या फ्री सर्विस का लालच देते हैं। इसके बाद वे आपकी सहमति के बिना नियमित सब्सक्रिप्शन शुरू कर देते हैं, जिससे मासिक ऑटो-डेबिट के रूप में पैसे कटते रहते हैं। इस प्रक्रिया को रोकना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि भुगतान की पुष्टि पहले ही आपके कार्ड विवरण के साथ हो चुकी होती है।”
विशेषज्ञों के अनुसार, इस स्कैम से बचने के लिए किसी भी ऑनलाइन सेवा के लिए कार्ड जानकारी साझा करने से पहले कंपनी की विश्वसनीयता जांचना जरूरी है। साथ ही, बैंक अकाउंट और क्रेडिट/डेबिट कार्ड की साप्ताहिक स्टेटमेंट चेक करना और ऑटो-डेबिट विकल्प को नियंत्रित करना अत्यंत जरूरी है।
हाल ही में कई मामले सामने आए हैं, जहां लोग मुफ्त ट्रायल के नाम पर अपने कार्ड विवरण साझा कर चुके थे, लेकिन बाद में अनजान सब्सक्रिप्शन से उनके खाते से हजारों रुपये कट चुके। पीड़ितों ने पुलिस और बैंक अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई, और कुछ मामलों में पैसे वापस पाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
साइबर ठगों का कहना है कि इस तरह के स्कैम कम जोखिम और अधिक लाभ वाले अपराध हैं। वे अक्सर उपयोगकर्ताओं को सोशल मीडिया या ईमेल के माध्यम से आकर्षक ऑफर भेजते हैं। इसके बाद वे फिशिंग लिंक या नकली वेबसाइट के जरिए कार्ड विवरण प्राप्त कर लेते हैं।
बैंक और साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कभी भी संदिग्ध वेबसाइट या लिंक पर कार्ड की जानकारी साझा न करें, किसी भी ऑफर को तुरंत स्वीकार न करें और डिजिटल लेन-देन के दौरान सतर्क रहें। यदि कोई अनजान ऑटो-डेबिट चालू हो जाए, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें और भुगतान को रोकने के उपाय अपनाएं।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल युग में यह आवश्यक हो गया है कि लोग ऑनलाइन सुरक्षा और साइबर जागरूकता पर विशेष ध्यान दें। केवल सतर्कता और समय पर जांच से इस तरह के सब्सक्रिप्शन स्कैम से बचा जा सकता है।
इस प्रकार, ‘सब्सक्रिप्शन स्कैम’ ने लोगों की वित्तीय सुरक्षा के लिए एक नया खतरा पैदा कर दिया है। नागरिकों को चाहिए कि वे ऑनलाइन ऑफर के प्रति सतर्क रहें और अपने बैंक और कार्ड विवरण की नियमित निगरानी करें, ताकि साइबर ठगों की चालबाजी का शिकार न बनें।

