पटना में साइबर ठगी का बड़ा मामला: रिटायर्ड बैंक अधिकारी से ‘हनी ट्रैप’ और निवेश फ्रॉड में 97 लाख की ठगी
बिहार की राजधानी पटना में साइबर अपराध का एक और बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें एक रिटायर्ड बैंक अधिकारी से करीब ₹97.06 लाख की ठगी कर ली गई। ठगों ने इस वारदात को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया और हनी ट्रैप के साथ-साथ निवेश (इन्वेस्टमेंट) फ्रॉड का सहारा लेकर पीड़ित को अपने जाल में फंसा लिया।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित रिटायर्ड बैंक अधिकारी को सबसे पहले सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यम से संपर्क किया गया। शुरुआत में ठगों ने दोस्ती और भरोसा जीतने की कोशिश की। इसके बाद धीरे-धीरे उन्हें निवेश के एक कथित फायदे वाले स्कीम में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया गया। भरोसा कायम करने के लिए ठगों ने उन्हें आकर्षक रिटर्न और सुरक्षित निवेश का लालच दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर अपराधियों ने अलग-अलग फर्जी अकाउंट्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लगातार संपर्क बनाए रखा। शुरुआती दौर में छोटे-छोटे मुनाफे दिखाकर पीड़ित का भरोसा बढ़ाया गया। जब पीड़ित पूरी तरह विश्वास में आ गए, तो उनसे बड़ी रकम निवेश के नाम पर अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवाई गई।
इसी दौरान मामले में “हनी ट्रैप” का भी इस्तेमाल किया गया। कथित महिला प्रोफाइल्स के जरिए बातचीत कर पीड़ित को भावनात्मक रूप से प्रभावित किया गया और निवेश को सुरक्षित तथा लाभदायक बताया गया। इस रणनीति के चलते पीड़ित को शक नहीं हुआ और उन्होंने धीरे-धीरे बड़ी रकम ट्रांसफर कर दी।
कुछ समय बाद जब पीड़ित ने अपने निवेश की राशि निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने विभिन्न बहाने बनाने शुरू कर दिए। कभी तकनीकी समस्या, कभी टैक्स और कभी प्रोसेसिंग फीस के नाम पर और पैसे मांगे गए। जब लगातार दबाव बढ़ता गया और पैसा वापस नहीं मिला, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।
इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाना और संबंधित एजेंसियों में दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजैक्शंस की ट्रेसिंग की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, निवेश स्कीम या सोशल मीडिया प्रोफाइल पर बिना जांच-परख के भरोसा न करें। खासकर अधिक रिटर्न या गारंटीड प्रॉफिट के नाम पर मिलने वाले ऑफर्स अक्सर साइबर ठगी का हिस्सा होते हैं।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि डिजिटल युग में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी आर्थिक क्षति का कारण बन सकती है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करने की सलाह दी है।

