बिहार में साइबर अपराधियों पर शिकंजा, 6 महीने में 475 FIR दर्ज; 103 आरोपी गिरफ्तार
बिहार में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया है। बिहार पुलिस की साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट (CCSU) ने पिछले छह महीनों में साइबर अपराधियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की है।
CCSU की ओर से जारी कार्रवाई के अनुसार, इस अवधि में 475 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जबकि साइबर अपराध से जुड़े 103 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
साइबर अपराध के खिलाफ तेज हुई कार्रवाई
बदलते समय के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। इनमें ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, बैंकिंग फ्रॉड और सोशल मीडिया के जरिए होने वाली धोखाधड़ी जैसे मामले शामिल हैं।
इन घटनाओं पर रोक लगाने के लिए बिहार पुलिस की साइबर यूनिट लगातार निगरानी कर रही है और शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
475 मामलों में दर्ज हुई FIR
CCSU ने पिछले छह महीनों में साइबर अपराध से जुड़े कुल 475 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस इन मामलों की जांच कर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
जांच के दौरान कई साइबर गिरोहों का खुलासा हुआ है और उनके सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब इन गिरोहों के नेटवर्क और उनके काम करने के तरीके की जानकारी जुटा रही है।
103 साइबर अपराधी गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 103 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर साइबर अपराध के अन्य मामलों से जुड़े सुराग जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस का मानना है कि कई साइबर अपराधी संगठित तरीके से काम करते हैं और एक राज्य से दूसरे राज्य तक फैले नेटवर्क का हिस्सा होते हैं।
लोगों को जागरूक करने पर भी जोर
साइबर अपराधों को रोकने के लिए पुलिस सिर्फ कार्रवाई ही नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक भी कर रही है। आम लोगों से अपील की जा रही है कि वे अनजान लिंक पर क्लिक न करें, बैंक से जुड़ी जानकारी किसी के साथ साझा न करें और संदिग्ध कॉल से सावधान रहें।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगी होने पर तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
बिहार पुलिस की साइबर यूनिट ने साफ किया है कि ऑनलाइन अपराध करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। साइबर अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आधुनिक तकनीक और डिजिटल जांच का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर अपराधियों में हड़कंप मचा है और आम लोगों को भी डिजिटल सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने का संदेश दिया जा रहा है।

