Samachar Nama
×

भवन निर्माण विभाग के भ्रष्ट इंजीनियर के पास आलीशान मकान और जमीन, सास के नाम पर संपत्ति; विजिलेंस का शिकंजा

भवन निर्माण विभाग के भ्रष्ट इंजीनियर के पास आलीशान मकान और जमीन, सास के नाम पर संपत्ति; विजिलेंस का शिकंजा

भवन निर्माण विभाग से जुड़े एक इंजीनियर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस की कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। जांच एजेंसी को इंजीनियर और उसके परिवार से जुड़े लोगों के नाम पर जमीन, मकान और अन्य संपत्तियों की जानकारी मिलने के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया है। आरोप है कि सरकारी सेवा के दौरान इंजीनियर ने अपनी ज्ञात आय के मुकाबले काफी अधिक संपत्ति अर्जित की। मामले में अब संपत्तियों के स्रोत और खरीद के लिए इस्तेमाल रकम की जांच की जा रही है।

विजिलेंस की जांच में इंजीनियर के नाम और उसके परिजनों से जुड़ी संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। इनमें आलीशान मकान के साथ-साथ जमीन के कई टुकड़े शामिल बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन संपत्तियों की खरीद कब और किस रकम से की गई। इसके अलावा संपत्तियों के दस्तावेज, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है।

मामले में सबसे अहम बात यह सामने आई है कि कुछ संपत्ति इंजीनियर की सास के नाम पर भी बताई जा रही है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन संपत्तियों की वास्तविक खरीद किसने की और रकम का स्रोत क्या था। केवल किसी रिश्तेदार के नाम पर संपत्ति दर्ज होने से उसका अवैध होना साबित नहीं होता, इसलिए विजिलेंस दस्तावेजी साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।

जांच के दौरान इंजीनियर की चल और अचल संपत्तियों का आकलन किया जा रहा है। इसमें जमीन, मकान, बैंक खातों, निवेश और अन्य आर्थिक हितों को शामिल किया जा सकता है। अधिकारियों के अनुसार, आय और संपत्ति के बीच अंतर पाए जाने पर उससे जुड़े दस्तावेजों और लेनदेन की विस्तृत जांच की जाएगी।

भवन निर्माण विभाग में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की संपत्तियों को लेकर समय-समय पर जांच होती रही है। सरकारी पद पर रहते हुए आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला सामने आने पर विजिलेंस एजेंसी संबंधित अधिकारी की आय, खर्च और संपत्ति का तुलनात्मक आकलन करती है। इसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाती है।

फिलहाल इस मामले में जांच जारी है। विजिलेंस टीम संपत्तियों के कागजात और वित्तीय रिकॉर्ड खंगाल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इंजीनियर की कुल संपत्ति कितनी है और उसमें से कितनी संपत्ति उसकी वैध आय के अनुरूप है।

अगर जांच में आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत आगे की कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल आरोपों को जांच के निष्कर्ष आने तक आरोप के रूप में ही देखा जा रहा है।

Share this story

Tags