अगिआंव (SC) सीट के चुनाव परिणामों पर विवाद, CPI(ML) प्रत्याशी शिव प्रकाश रंजन ने पटना हाईकोर्ट में दायर की रिट याचिका
बिहार की अगिआंव (अनुसूचित जाति) विधानसभा सीट पर हुए चुनाव के नतीजों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। सीपीआई (एमएल) के उम्मीदवार शिव प्रकाश रंजन ने चुनाव प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए सोमवार को पटना उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की है। याचिका में चुनाव परिणामों को चुनौती देते हुए निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की गई है।
शिव प्रकाश रंजन का आरोप है कि मतदान और मतगणना के दौरान व्यापक स्तर पर गड़बड़ियां हुईं, जिससे चुनाव की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने दावा किया कि कई मतदान केंद्रों पर नियमों का पालन नहीं किया गया और मतदाताओं को प्रभावित करने के प्रयास भी हुए।
याचिका में कहा गया है कि कुछ बूथों पर ईवीएम से जुड़े तकनीकी मुद्दे, मतगणना के दौरान असमान व्यवहार, और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों की अनदेखी की गई। CPI(ML) प्रत्याशी का कहना है कि इन कथित अनियमितताओं ने चुनाव परिणाम को प्रभावित किया है।
शिव प्रकाश रंजन ने मीडिया से बातचीत में कहा,
“हम लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं, लेकिन जब चुनाव प्रक्रिया ही सवालों के घेरे में हो, तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाना जरूरी हो जाता है। अगिआंव सीट पर जनता के जनादेश के साथ खिलवाड़ हुआ है।”
उनकी ओर से दाखिल याचिका में मांग की गई है कि चुनाव प्रक्रिया की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं तो चुनाव परिणाम को रद्द कर पुनर्मतदान कराया जाए। साथ ही, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की गई है।
इस मामले ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों ने भी चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर चिंता का विषय होगा।
वहीं, चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि चुनाव पूरी तरह निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों के तहत कराया गया था। आयोग का पक्ष है कि किसी भी शिकायत की जांच तय प्रक्रिया के अनुसार की जाती है और यदि याचिका पर अदालत कोई निर्देश देती है तो उसका पालन किया जाएगा।
कानूनी जानकारों का कहना है कि चुनाव से जुड़े मामलों में हाईकोर्ट की भूमिका अहम होती है। अदालत पहले यह देखेगी कि याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं, और फिर तथ्यों के आधार पर अगली कार्रवाई तय की जाएगी। ऐसे मामलों में चुनाव आयोग, जिला प्रशासन और संबंधित पक्षों से जवाब भी मांगा जा सकता है।
अगिआंव (SC) सीट भोजपुर जिले की अहम विधानसभा सीट मानी जाती है, जहां चुनाव परिणामों को लेकर पहले भी राजनीतिक विवाद होते रहे हैं। इस बार भी नतीजों को लेकर उठा सवाल राज्य की राजनीति में नई बहस को जन्म दे रहा है।
फिलहाल सभी की नजरें पटना हाईकोर्ट पर टिकी हैं, जहां इस रिट याचिका पर सुनवाई के बाद यह तय होगा कि चुनावी प्रक्रिया पर उठे आरोपों की न्यायिक जांच होगी या नहीं। इस मामले का असर आने वाले दिनों में बिहार की सियासत पर भी देखने को मिल सकता है।

