पूर्णिया से सांसद को उनकी हालिया बयानबाजी को लेकर अब कानूनी और राजनीतिक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने सख्त रुख अपनाते हुए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही है।
आयोग अध्यक्ष ने यह भी संकेत दिया है कि संबंधित सांसद की सदस्यता समाप्त कराने के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री से औपचारिक रूप से अपील की जाएगी। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
आरोप है कि सांसद द्वारा दिए गए बयान को लेकर महिलाओं के सम्मान और सामाजिक मर्यादा पर सवाल खड़े हुए हैं। इसी को लेकर महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले को गंभीर माना है।
आयोग की ओर से कहा गया है कि सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति से जिम्मेदार और मर्यादित भाषा की अपेक्षा की जाती है, और किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वहीं इस पूरे मामले के बाद राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। विभिन्न दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं, जबकि सांसद की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मामले में ठोस साक्ष्य मिलते हैं तो आगे की कार्रवाई नियमों के अनुसार तय की जाएगी।

