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नाबालिग लड़की की गुमशुदगी में पुलिस रवैये पर विवाद, विपक्ष ने जताई नाराजगी

नाबालिग लड़की की गुमशुदगी में पुलिस रवैये पर विवाद, विपक्ष ने जताई नाराजगी

बिहार की राजधानी पटना में एक नाबालिग लड़की की गुमशुदगी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। मामला तब और गंभीर हो गया जब पीड़ित परिवार द्वारा की गई शिकायत पर एक दारोगा ने आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे परिवार की पीड़ा बढ़ गई और शहर में यह घटना चर्चा का विषय बन गई।

सूत्रों के अनुसार, लड़की के पिता ने जब अपनी बेटी की तलाश के लिए पुलिस से संपर्क किया, तो पुलिस के असंवेदनशील रवैये के कारण मामले ने नया मोड़ ले लिया। पिता का कहना है कि पुलिसकर्मी की टिप्पणियों से उन्हें अमानवीय व्यवहार का सामना करना पड़ा, जो न केवल उनके दुख को बढ़ाता है बल्कि विश्वास की भावना को भी कमजोर करता है।

इस घटना पर विपक्ष ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। राजद के सुनील सिंह ने कहा कि इस तरह का रवैया स्वीकार्य नहीं है और उन्होंने दोषी दारोगा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि नाबालिगों की सुरक्षा और परिवारों की पीड़ा को नजरअंदाज करना गंभीर लापरवाही है।

पुलिस ने अब इस मामले में जांच की संकेत दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषी दारोगा के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवार की शिकायत का उचित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं, पुलिस लगातार लड़की की तलाश में जुटी है और सभी संभावित ठिकानों पर नजर रखी जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि नाबालिगों के मामले में पुलिस का संवेदनशील और जिम्मेदार रवैया बेहद जरूरी है। उन्होंने चेताया कि यदि इस तरह के मामलों में अनदेखी या अनुचित व्यवहार किया जाता है, तो न केवल पीड़ित परिवार को मानसिक आघात होता है, बल्कि समाज में सुरक्षा और विश्वास की भावना भी कमजोर पड़ती है।

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना की निंदा की है। उनका कहना है कि सरकार और पुलिस प्रशासन को सुनिश्चित करना चाहिए कि हर नाबालिग की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता हो और पुलिस कर्मियों का प्रशिक्षण संवेदनशीलता और सहयोग पर आधारित हो।

राजनीतिक गलियारों में इस घटना ने भी बहस छेड़ दी है। विपक्ष ने सरकार से पूछा है कि क्या पुलिस प्रशासन युवाओं और बच्चों की सुरक्षा के प्रति गंभीर है और ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई क्यों नहीं होती।

इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नाबालिगों के मामलों में प्रशासनिक संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई और पारदर्शिता बेहद जरूरी है। परिवार और समाज दोनों ही चाहते हैं कि पुलिस ऐसे मामलों में सहयोग, सुरक्षा और संवेदनशील रवैया अपनाए।

इस प्रकार, पटना में नाबालिग लड़की की गुमशुदगी और पुलिसकर्मी की आपत्तिजनक टिप्पणी ने सामाजिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चिंता पैदा कर दी है। मामला अब जांच और तलाश की दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिन यह घटना पुलिस की संवेदनशीलता और जवाबदेही पर सवाल भी खड़ा कर रही है।

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