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पटना में 26,745 मकानों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियां, नगर निगम ने भेजना शुरू किया नोटिस

पटना में 26,745 मकानों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियां, नगर निगम ने भेजना शुरू किया नोटिस

पटना के रिहायशी इलाकों में बड़ी संख्या में मकानों का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किए जाने का मामला सामने आया है। पटना नगर निगम की जांच में ऐसे 26,745 मकानों की पहचान हुई है, जहां आवासीय भवनों में दुकान, कार्यालय या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। नगर निगम अब इन भवन मालिकों को नोटिस भेजने की कार्रवाई कर रहा है।

नगर निगम की इस कार्रवाई से रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वाले भवन मालिकों में हड़कंप मच गया है। निगम की ओर से नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई किए जाने की तैयारी है।

जांच में सामने आए 26,745 मकान

नगर निगम की ओर से कराई गई जांच में बड़ी संख्या में ऐसे भवनों की पहचान हुई है, जिनका उपयोग आवासीय उद्देश्य के बजाय व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।

शहर के अलग-अलग इलाकों में मकानों के अंदर और उनके हिस्सों में दुकान, कार्यालय समेत अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की जानकारी सामने आई है। निगम अब इन भवनों के रिकॉर्ड और मौके पर संचालित गतिविधियों का मिलान कर रहा है।

भवन मालिकों को भेजे जा रहे नोटिस

जांच के बाद नगर निगम ने संबंधित भवन मालिकों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। नोटिस के जरिए उनसे भवन के इस्तेमाल और व्यावसायिक गतिविधियों से संबंधित जानकारी मांगी जा रही है।

निगम यह भी जांच करेगा कि संबंधित भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने की अनुमति है या नहीं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित भवन मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

रिहायशी इलाकों में बढ़ता व्यावसायिक इस्तेमाल

पटना के कई रिहायशी इलाकों में मकानों का व्यावसायिक इस्तेमाल बढ़ने से स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। व्यावसायिक गतिविधियों के कारण कई इलाकों में वाहनों की आवाजाही, पार्किंग और भीड़ जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं।

नगर निगम की कार्रवाई का उद्देश्य आवासीय क्षेत्रों में भवनों के इस्तेमाल से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।

रिकॉर्ड की भी होगी जांच

नगर निगम की ओर से केवल नोटिस भेजने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहने की संभावना है। संबंधित भवनों के दस्तावेज और इस्तेमाल की स्थिति की जांच की जाएगी। यह देखा जाएगा कि भवन का स्वीकृत नक्शा किस उद्देश्य से पास हुआ था और वर्तमान में उसका इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है।

नियमों का उल्लंघन मिलने पर निगम नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगा। 26,745 मकानों की पहचान के बाद आने वाले दिनों में इस अभियान को और तेज किए जाने की संभावना है।

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