गया जिले में शनिवार से ठंड में अचानक तेजी देखी जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में न्यूनतम तापमान 8.09 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि दिन का तापमान अपेक्षाकृत हल्का बना हुआ है। ठंडक के इस अचानक बढ़ने से स्थानीय लोगों के जीवन पर असर पड़ा है।
मौसम विभाग ने बताया कि ठंड का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ है, जो पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी को प्रेरित कर रहा है। इससे ठंडी हवाएं चल रही हैं, जो बिहार सहित आसपास के क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान को कम कर रही हैं। जिले के ग्रामीण और शहरवासी सुबह और रात के समय ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनने को मजबूर हैं।
इसके अलावा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में हुई बारिश के कारण नमी का स्तर बढ़ गया है। नमी के साथ घना कोहरा छा गया है, जिससे सड़क, रेल और हवाई मार्गों पर दृश्यता प्रभावित हो रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि कोहरे के कारण सुबह-शाम के समय यातायात में सावधानी बरतना आवश्यक है। लोगों को वाहन धीरे चलाने और प्रमुख मार्गों पर चेतावनी संकेतों का पालन करने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यह स्थिति 5 फरवरी तक जारी रहने की संभावना है। विभाग ने स्थानीय लोगों से अनुरोध किया है कि ठंड और कोहरे के कारण किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति से बचने के लिए सावधानी बरतें। विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
कृषि क्षेत्र के लिए यह मौसम सामान्यतः लाभकारी माना जा रहा है। ठंडी हवाओं और हल्की धूप के मिश्रण से फसलें स्वस्थ हैं और गेहूं, सरसों, मटर जैसी सर्दियों की फसलें अच्छी स्थिति में हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को अपने खेतों में सिंचाई, कीट और फसल संरक्षण पर ध्यान देना चाहिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह-शाम की सर्द हवाओं के कारण जीवन कठिन हो गया है, लेकिन दिन में हल्की धूप निकलने से कामकाज करना आसान हो रहा है। दुकानदारों ने भी बताया कि गर्म पेय और सर्दियों के कपड़ों की बिक्री में वृद्धि हुई है।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले कुछ दिनों में ठंडी हवाओं की गति बढ़ सकती है और न्यूनतम तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है। इसके साथ ही घने कोहरे के चलते लोगों को सुबह के समय विशेष सावधानी बरतनी होगी।
गया और आसपास के क्षेत्रों में ठंड, हवाएं और कोहरे का यह मिश्रित मौसम न केवल लोगों के दैनिक जीवन को प्रभावित कर रहा है, बल्कि कृषि और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों पर भी असर डाल रहा है। मौसम विभाग लगातार अपडेट जारी कर रहा है ताकि आम लोगों को समय पर जानकारी मिल सके और किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति से बचा जा सके।

