पीएम मोदी के जन्मदिन पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम पर CJP और RJD का तंज, सामने आईं तीखी प्रतिक्रियाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के मौके पर 17 सितंबर को देशभर में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। बिहार में भी इस अभियान के तहत कई जगहों पर दीप प्रज्वलित किए गए। पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत सरकार के कई नेताओं और पदाधिकारियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम को लेकर विपक्षी दलों और कुछ राजनीतिक संगठनों की ओर से सवाल और तंज सामने आए हैं।
पटना के मरीन ड्राइव, पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, मुख्यमंत्री आवास और बीजेपी कार्यालय सहित कई स्थानों पर दीप जलाए गए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए और बड़ी संख्या में लोगों ने दीप प्रज्वलित किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान को लेकर मिले स्नेह और शुभकामनाओं के लिए आभार जताया।
CJP की ओर से सौरव दास का तंज
कार्यक्रम को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। CJP नेता सौरव दास ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यक्रम में शामिल होने का वीडियो साझा करते हुए तंज कसा। उन्होंने कार्यक्रम को लेकर तीखी टिप्पणी की और बड़े स्तर पर किए गए आयोजन पर सवाल उठाया। रिपोर्ट के अनुसार, दास ने कार्यक्रम के दृश्य साझा करते हुए इसकी शैली और आयोजन पर व्यंग्य किया।
इसी बीच जयपुर में CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के मौके पर दीया जलाते हुए अपनी प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर साझा की।
RJD ने भी साधा निशाना
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से भी कार्यक्रम को लेकर सरकार और बीजेपी पर सवाल उठाए गए। RJD नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर सरकारी आदेश के जरिए स्कूलों और अन्य स्थानों पर दीये जलाने की व्यवस्था कराई गई। उन्होंने इसे ‘सरकारी आदेश वाला जबरन हैप्पी बर्थडे’ बताया।
तेजस्वी यादव ने यह भी दावा किया कि शिक्षकों को छुट्टी के दिन शाम के समय दीया जलाने के लिए स्कूलों में बुलाया गया। इसके अलावा उन्होंने कार्यक्रम पर सरकारी खजाने से करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का आरोप लगाया। यह आंकड़ा तेजस्वी यादव के दावे के तौर पर सामने आया है।
RJD की ओर से कार्यक्रम से जुड़े सरकारी आदेशों को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए यह सवाल भी उठाया गया कि सरकारी कर्मचारियों और संस्थानों को प्रधानमंत्री के जन्मदिन के आयोजन में किस हद तक शामिल किया जाना चाहिए।
वहीं, बीजेपी की ओर से ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान को प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर शुभकामनाएं और स्नेह व्यक्त करने के कार्यक्रम के तौर पर पेश किया गया। पार्टी ने लोगों से घरों में दीया जलाने की अपील की थी। इस तरह कार्यक्रम के आयोजन के साथ ही बिहार में इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई।

