छठ की तैयारियों का जायजा लेने गंगा घाट पहुंचे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, अधिकारियों को दिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के निर्देश
बिहार में लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को गंगा नदी के विभिन्न घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छठ पूजा की तैयारियों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि छठ व्रतियों को अर्घ्य देने और घाटों तक आने-जाने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने गंगा के जलस्तर और नदी के तेज बहाव को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मजबूत बैरिकेडिंग की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति अनजाने में गहरे पानी या तेज बहाव वाले हिस्से तक न पहुंच सके।
छठ व्रतियों की सुविधा को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों से कहा कि छठ महापर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा घाटों पर पहुंचते हैं। ऐसे में घाटों पर व्यवस्थाएं ऐसी होनी चाहिए कि व्रतियों और उनके परिजनों को किसी तरह की असुविधा न हो।
छठ पूजा के दौरान व्रती नदी में खड़े होकर भगवान सूर्य को अर्घ्य देते हैं। इस दौरान घाटों पर काफी भीड़ रहती है। इसलिए श्रद्धालुओं के आने-जाने के रास्ते सुरक्षित और सुविधाजनक बनाए जाने जरूरी हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवागमन की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि भीड़ के कारण अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।
नदी के तेज बहाव को देखते हुए सुरक्षा के निर्देश
गंगा नदी में जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए मुख्यमंत्री ने घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने को कहा। उन्होंने विशेष रूप से मजबूत बैरिकेडिंग कराने के निर्देश दिए। नदी के किनारे ऐसे स्थानों को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत है, जहां पानी की गहराई अधिक हो या बहाव तेज हो।
छठ के दौरान बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा इंतजाम महत्वपूर्ण हो जाते हैं। ऐसे में घाटों पर जोखिम वाले हिस्सों को सुरक्षित करने और श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों को तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश
मुख्यमंत्री के निरीक्षण का उद्देश्य छठ पर्व से पहले घाटों पर उपलब्ध सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेना रहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को अर्घ्य देने के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराया जाए।
छठ बिहार के सबसे महत्वपूर्ण लोक आस्था के पर्वों में शामिल है। इस दौरान गंगा सहित विभिन्न नदियों और जलाशयों के घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में घाटों की व्यवस्था, सुरक्षा और आवागमन को लेकर प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के छठ पूजा कर सकें। नदी के जलस्तर और बहाव को देखते हुए सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

