मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने काफिले में वाहनों की संख्या घटाने का दिया निर्देश, ईंधन बचत की पहल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और सादगी अपनाने की अपील का असर अब राज्यों में भी देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या कम करने का निर्देश जारी किया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वीआईपी मूवमेंट के दौरान अनावश्यक वाहनों को काफिले में शामिल न किया जाए और केवल आवश्यक सुरक्षा वाहनों तक ही सीमित रहा जाए। इस कदम का उद्देश्य ईंधन की बचत के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सादगी और अनुशासन को बढ़ावा देना बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि यह निर्णय प्रधानमंत्री की हालिया अपील के बाद लिया गया है, जिसमें उन्होंने सार्वजनिक जीवन में संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और दिखावे से बचने पर जोर दिया था।
इस निर्देश के बाद राज्य प्रशासनिक अमले में भी हलचल देखी जा रही है और सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की जा रही है ताकि किसी तरह की सुरक्षा में कमी न आए, लेकिन साथ ही अनावश्यक खर्च भी नियंत्रित किया जा सके।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस कदम को एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर शीर्ष नेतृत्व इस तरह की पहल करता है, तो इसका असर नीचे तक दिखाई देता है और सरकारी तंत्र में भी मितव्ययिता की संस्कृति विकसित होती है।
फिलहाल, इस निर्देश को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री के काफिले में बदलाव स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकता है।

