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पटना के दो दिवसीय दौरे पर भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, 302 करोड़ से अधिक की न्यायिक परियोजनाओं का करेंगे शिलान्यास

पटना के दो दिवसीय दौरे पर भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, 302 करोड़ से अधिक की न्यायिक परियोजनाओं का करेंगे शिलान्यास

भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति सूर्यकांत पटना के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान वे बिहार में न्यायिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। उनके दौरे को राज्य के न्यायिक इतिहास में एक अहम कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे न्यायिक सुविधाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण को गति मिलेगी।

अपने दौरे के पहले दिन मुख्य न्यायाधीश पटना उच्च न्यायालय परिसर में कुल 302.56 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली विभिन्न न्यायिक परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इनमें अत्याधुनिक एडीआर (वैकल्पिक विवाद समाधान) भवन, नया प्रशासनिक ब्लॉक और बहुमंजिला कार पार्किंग भवन शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से न सिर्फ न्यायालय की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि वकीलों, न्यायिक अधिकारियों और आम लोगों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

एडीआर भवन के निर्माण से मध्यस्थता, सुलह और अन्य वैकल्पिक विवाद निपटान प्रक्रियाओं को बढ़ावा मिलेगा, जिससे अदालतों पर बढ़ते मुकदमों का बोझ कम होने की उम्मीद है। वहीं, प्रशासनिक ब्लॉक के निर्माण से न्यायालयी कामकाज को अधिक सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाया जा सकेगा। बहुमंजिला कार पार्किंग की सुविधा लंबे समय से चली आ रही पार्किंग समस्या के समाधान में सहायक होगी।

अपने दौरे के दूसरे चरण में मुख्य न्यायाधीश गया जाएंगे, जहां वे जजेज गेस्ट हाउस का ई-उद्घाटन करेंगे। इस गेस्ट हाउस के शुरू होने से न्यायिक अधिकारियों को गया प्रवास के दौरान बेहतर आवासीय सुविधा मिल सकेगी। इससे न्यायिक कार्यों के संचालन में भी सहूलियत होगी।

इसके अलावा, न्यायमूर्ति सूर्यकांत पटना जिले के पुनपुन प्रखंड स्थित पोठही गांव में प्रस्तावित बिहार न्यायिक अकादमी के नए कैंपस का भूमि पूजन भी करेंगे। यह नया कैंपस बिहार के न्यायिक अधिकारियों के प्रशिक्षण और क्षमता विकास के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। अकादमी के नए परिसर से प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तार होगा और न्यायिक अधिकारियों को आधुनिक कानूनी चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा।

राज्य सरकार और न्यायिक प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं से बिहार में न्यायिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और जनसुलभ बनाने में मदद मिलेगी। मुख्य न्यायाधीश का यह दौरा न केवल बुनियादी ढांचे के विकास की दृष्टि से अहम है, बल्कि इससे न्यायिक सुधारों को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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