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बिहार में मकान बनाना होगा आसान: महीनों नक्शा पास होने का इंतजार खत्म, नए बिल्डिंग बायलॉज में प्रक्रिया होगी सरल

बिहार में मकान बनाना होगा आसान: महीनों नक्शा पास होने का इंतजार खत्म, नए बिल्डिंग बायलॉज में प्रक्रिया होगी सरल

बिहार में मकान, अपार्टमेंट और अन्य भवनों के निर्माण की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ी राहत की तैयारी है। अब भवन का नक्शा पास कराने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने और महीनों तक अनुमति का इंतजार करने की जरूरत कम हो सकती है। राज्य सरकार बिहार बिल्डिंग बायलॉज-2026 में भवन निर्माण की अनुमति प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने की तैयारी कर रही है। इसका ड्राफ्ट फिलहाल अंतिम चरण में है।

नए बिल्डिंग बायलॉज का उद्देश्य भवन निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाना और लोगों को अनावश्यक कागजी कार्रवाई से राहत देना है। मौजूदा व्यवस्था में भवन निर्माण से पहले नक्शा स्वीकृत कराने के लिए अलग-अलग स्तर पर प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। इसके चलते कई बार लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इस प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।

सरकार की कोशिश है कि भवन निर्माण की अनुमति देने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया जाए। इससे आवेदकों को अपने आवेदन की स्थिति जानने के लिए बार-बार संबंधित कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रक्रिया के डिजिटल होने से आवेदन की जांच और मंजूरी में लगने वाला समय भी कम किया जा सकता है।

नक्शा पास कराने में कम होगी परेशानी

बिहार में तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच मकान और अपार्टमेंट निर्माण की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भवन निर्माण से जुड़े नियमों को सरल करना जरूरी माना जा रहा है। नए बायलॉज में इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए अनुमति प्रक्रिया को ज्यादा सुविधाजनक बनाने की तैयारी है।

नई व्यवस्था में नियमों के मुताबिक भवन बनाने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माण पर प्रशासन की निगरानी जारी रहेगी। यानी प्रक्रिया आसान होने के साथ भवन निर्माण के मानकों और सुरक्षा नियमों का पालन भी जरूरी होगा।

महीनों की देरी से मिलेगी राहत

वर्तमान व्यवस्था में नक्शा स्वीकृत कराने की प्रक्रिया में देरी होने पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाता। इससे भवन मालिकों के साथ-साथ बिल्डरों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। निर्माण सामग्री की लागत बढ़ने और परियोजना में देरी होने का असर सीधे बजट पर पड़ता है। सरकार की नई पहल से ऐसी समस्याओं को कम करने की उम्मीद है।

बिल्डिंग बायलॉज-2026 का ड्राफ्ट अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इसके लागू होने के बाद भवन निर्माण की अनुमति से संबंधित नियमों में बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, नई व्यवस्था के अंतिम प्रावधान और उसकी पूरी प्रक्रिया आधिकारिक रूप से लागू होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

आम लोगों के साथ बिल्डरों को भी फायदा

नई व्यवस्था का लाभ व्यक्तिगत मकान बनाने वालों के अलावा अपार्टमेंट और अन्य भवन परियोजनाओं से जुड़े बिल्डरों को भी मिलने की उम्मीद है। आसान और समयबद्ध मंजूरी से निर्माण कार्य समय पर शुरू और पूरा हो सकेगा।

सरकार की मंशा है कि भवन निर्माण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़े, अनावश्यक देरी कम हो और लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। बिहार बिल्डिंग बायलॉज-2026 के अंतिम रूप और लागू होने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नई व्यवस्था किस तरह राज्य में भवन निर्माण की प्रक्रिया को बदलती है।

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