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बोधगया महाबोधि कॉरिडोर परियोजना में प्रशासन ने बढ़ाई गति, पर्यटन और स्थानीय विकास पर विशेष जोर

बोधगया महाबोधि कॉरिडोर परियोजना में प्रशासन ने बढ़ाई गति, पर्यटन और स्थानीय विकास पर विशेष जोर

बोधगया स्थित विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर और इसके आसपास के क्षेत्रों के समग्र विकास को लेकर प्रशासन ने महाबोधि कॉरिडोर परियोजना पर गति बढ़ा दी है। इस संबंध में हाल ही में जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में बोधगया बीटीएमसी सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें परियोजना की रूपरेखा, समयसीमा और क्रियान्वयन रणनीति पर व्यापक चर्चा हुई।

बैठक में मुख्य रूप से पर्यटन, आधारभूत संरचना, स्थानीय रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए परियोजना के सभी पहलुओं पर विचार विमर्श किया गया। जिला प्रशासन ने अधिकारियों और संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना को जल्द से जल्द जमीन पर उतारा जाए और महाबोधि मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र को एक सुव्यवस्थित और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए।

जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने बैठक में कहा कि महाबोधि मंदिर न केवल बोधगया का बल्कि पूरे देश का गौरव है। उन्होंने सभी विभागों से आग्रह किया कि परियोजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की देरी या व्यवधान न आए और स्थानीय लोगों के हितों को भी विशेष प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

बैठक में पर्यावरण विशेषज्ञों और पर्यटन अधिकारियों ने महाबोधि कॉरिडोर की योजना पर सुझाव दिए। इसके तहत मंदिर के चारों ओर की गंदगी और जर्जर अवस्थाओं को सुधारने, सड़क मार्ग, प्रकाश व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए आकर्षक आवासीय व सुविधा केंद्र विकसित करने पर जोर दिया गया।

स्थानीय व्यापारियों और व्यवसायिक संगठनों ने भी बैठक में भाग लिया और कहा कि परियोजना से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो ताकि परियोजना के लाभ सीधे समुदाय तक पहुंचे।

परियोजना अधिकारी ने बताया कि महाबोधि कॉरिडोर परियोजना का लक्ष्य बोधगया को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करना है, जिससे अंतरराष्ट्रीय श्रद्धालु और पर्यटक आकर्षित हों। इसके साथ ही सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक महत्व को बनाए रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का समावेश किया जाएगा।

इस बैठक के बाद प्रशासन ने कहा कि परियोजना की तैयारियों में तेजी लाई जाएगी और संबंधित विभागों को रिपोर्टिंग तथा कार्यान्वयन के लिए कड़ा समयबद्ध लक्ष्य दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले महीनों में मैदान पर कई सुधारात्मक और विकासात्मक कार्य शुरू हो जाएंगे, जो महाबोधि मंदिर और बोधगया क्षेत्र को और अधिक व्यवस्थित और आकर्षक बनाएंगे।

बोधगया महाबोधि कॉरिडोर परियोजना के क्रियान्वयन से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय रोजगार, व्यापार और सांस्कृतिक संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान होगा। इसे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल परियोजना के रूप में देखा जा रहा है।

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