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बांस घाट पर बिहार का पहला आधुनिक श्मशान घाट तैयार, 89.40 करोड़ रुपये की लागत

बांस घाट पर बिहार का पहला आधुनिक श्मशान घाट तैयार, 89.40 करोड़ रुपये की लागत

पटना के बांस घाट पर बिहार का पहला आधुनिक श्मशान घाट तैयार हो गया है। इस परियोजना में कुल 89.40 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। श्मशान घाट 4.5 एकड़ क्षेत्र में फैला है और इसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ ही धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रतीकों का समावेश किया गया है।

इस श्मशान घाट की विशेषता इसका 42 फीट ऊंचा 'मोक्ष द्वार' और 'वैकुंठ द्वार' है, जो श्रद्धालुओं और आगंतुकों के लिए एक आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है। अधिकारियों ने बताया कि यह बिहार का पहला ऐसा श्मशान घाट है जिसमें संपूर्ण आधुनिक व्यवस्थाएं और इलेक्ट्रिक ओवन उपलब्ध हैं।

इस श्मशान घाट में एक साथ 18 अंतिम संस्कार की सुविधा है। इलेक्ट्रिक ओवन के इस्तेमाल से पारंपरिक लकड़ी के अंत्येष्टि प्रथा के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी ध्यान रखा गया है। इससे न केवल धुआं कम होगा, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा।

पारंपरिक अंतिम संस्कार प्रथा के साथ आधुनिक तकनीक का संयोजन इस श्मशान घाट को राज्य का आदर्श मॉडल बनाता है। अधिकारियों का कहना है कि यह सुविधा श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक तरीके से अंतिम संस्कार करने का अवसर देगी।

स्थानीय नागरिकों ने इस परियोजना का स्वागत किया है। उनका कहना है कि पहले शहर में पारंपरिक श्मशान घाटों में पर्याप्त जगह और सुविधाओं की कमी थी। अब आधुनिक श्मशान घाट के बनने से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया सुव्यवस्थित और व्यवस्थित होगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रिक ओवन जैसी आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा, बल्कि पारंपरिक प्रथा को भी सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस तरह के श्मशान घाट से सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता के मानक भी बेहतर होंगे।

बांस घाट का यह आधुनिक श्मशान घाट सुपरवाइज्ड पार्किंग, विस्तृत मार्ग और श्रद्धालुओं के लिए आराम क्षेत्र जैसी सुविधाओं से भी लैस है। अधिकारी बता रहे हैं कि भविष्य में यहां और अधिक सुविधाओं का विस्तार किया जा सकता है, जैसे कि शोक सभागार और स्मृति स्थल।

परियोजना के डिजाइन में धार्मिक प्रतीकों, पर्यावरण अनुकूल तकनीक और आधुनिक वास्तुकला का मिश्रण किया गया है। अधिकारी बताते हैं कि इस श्मशान घाट का उद्देश्य शहरवासियों को सुविधाजनक, सुरक्षित और सम्मानजनक अंतिम संस्कार सेवा प्रदान करना है।

इस प्रकार, पटना का बांस घाट अब बिहार का पहला आधुनिक श्मशान घाट बन गया है, जो न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आधुनिक तकनीक और पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से भी आदर्श मॉडल साबित होगा।

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