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मुजफ्फरपुर को बड़ी सौगात: बिहार का पहला आर्किटेक्चर और सिविल इंजीनियरिंग संस्थान होगा स्थापित

मुजफ्फरपुर को बड़ी सौगात: बिहार का पहला आर्किटेक्चर और सिविल इंजीनियरिंग संस्थान होगा स्थापित

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को मुजफ्फरपुर को कई बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात दी। शहर के सिकंदरपुर लेक फ्रंट (मरीन ड्राइव) के उद्घाटन के बाद एमआईटी मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर में बिहार का पहला आर्किटेक्चर और सिविल इंजीनियरिंग संस्थान स्थापित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान राज्य में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इससे छात्रों को आर्किटेक्चर, सिविल इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र से जुड़ी उच्चस्तरीय शिक्षा और प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार बिहार में शिक्षा और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने सिकंदरपुर लेक फ्रंट परियोजना का उद्घाटन किया। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस परियोजना को मुजफ्फरपुर के सौंदर्यीकरण और शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। लेक फ्रंट के विकसित होने से शहरवासियों को मनोरंजन, पर्यटन और सार्वजनिक गतिविधियों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध होगा।

एमआईटी मैदान में आयोजित जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार के शहरों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाना है। इसके लिए सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और शहरी विकास के क्षेत्र में लगातार योजनाएं लागू की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर ऐतिहासिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण शहर है। यहां नए शैक्षणिक संस्थान की स्थापना से न केवल छात्रों को लाभ मिलेगा, बल्कि रोजगार और विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे। आर्किटेक्चर और सिविल इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है, ऐसे में यह संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री की घोषणाओं का स्वागत किया। स्थानीय लोगों ने कहा कि लंबे समय से मुजफ्फरपुर में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बड़े संस्थान की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। नए संस्थान की स्थापना से जिले के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी फायदा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं को समय पर पूरा करने और गुणवत्ता बनाए रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं का लाभ आम लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचे।

मुजफ्फरपुर में बिहार के पहले आर्किटेक्चर और सिविल इंजीनियरिंग संस्थान की घोषणा को शिक्षा और तकनीकी विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे शहर की पहचान एक बेहतर शैक्षणिक केंद्र के रूप में भी मजबूत होने की उम्मीद है।

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