महिला आरक्षण बिल 2026 को लेकर बिहार की सियासत गरमाई, तेजस्वी यादव ने सीएम सम्राट चौधरी पर साधा निशाना
बिहार की राजनीति में एक बार फिर महिला आरक्षण बिल 2026 को लेकर तीखी बयानबाजी देखने को मिली है। विपक्ष के नेता Tejashwi Yadav ने मुख्यमंत्री Samrat Choudhary पर निशाना साधते हुए सरकार की मंशा और बिल के क्रियान्वयन में हो रही देरी पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को इस बिल की पूरी समझ नहीं है और इसे लेकर सरकार की स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार परिसीमन (delimitation) की आड़ में राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है, जिससे महिलाओं को वास्तविक अधिकार मिलने में देरी हो रही है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब महिला सशक्तिकरण के नाम पर यह बिल लाया गया है, तो इसके लागू होने में लगातार देरी क्यों हो रही है। तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर पारदर्शिता दिखानी चाहिए और जनता को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि आखिर बाधा कहां है।
इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सत्तापक्ष की ओर से अभी तक इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे आगामी चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी से जनता के बीच भ्रम की स्थिति बन सकती है, इसलिए सभी पक्षों को तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, विपक्ष इस मुद्दे को आने वाले दिनों में और जोर-शोर से उठा सकता है, जबकि सरकार की ओर से भी जल्द आधिकारिक स्पष्टीकरण आने की संभावना है।
फिलहाल यह मुद्दा बिहार की राजनीति में चर्चा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी टकराव और बढ़ सकता है।

