Bihar Student Protest: TRE-4 समेत प्रतियोगी परीक्षाओं की मांगों को लेकर पटना में अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी
बिहार की राजधानी पटना के गर्दनीबाग में शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 समेत अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी मांगों को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा पैटर्न और लंबित मांगों को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी धरना स्थल पर जुटे हुए हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि केवल भर्ती का विज्ञापन जारी कर देने से उनकी सभी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उनकी प्रमुख मांगों में सिंगल एग्जाम सिस्टम, नेगेटिव मार्किंग खत्म करना, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और समय पर परीक्षा व नियुक्ति शामिल हैं। छात्रों का कहना है कि अलग-अलग चरणों और परीक्षाओं की वजह से भर्ती प्रक्रिया लंबी हो जाती है, जिससे अभ्यर्थियों को बार-बार तैयारी और परीक्षा का सामना करना पड़ता है।
TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी, फिर भी आंदोलन जारी
TRE-4 को लेकर लंबे समय से अभ्यर्थियों की ओर से विज्ञापन जारी करने की मांग की जा रही थी। इसके बाद बिहार लोक सेवा आयोग ने TRE-4 का विज्ञापन जारी कर दिया। भर्ती के तहत 32,388 शिक्षक पदों पर नियुक्ति की जाएगी। आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होने की जानकारी सामने आई है।हालांकि नोटिफिकेशन जारी होने के बाद भी गर्दनीबाग में आंदोलन समाप्त नहीं हुआ। अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी मांग केवल विज्ञापन जारी होने तक सीमित नहीं थी। वे परीक्षा व्यवस्था में बदलाव और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग कर रहे हैं।
पहले आमरण अनशन पर बैठे थे अभ्यर्थी
इस आंदोलन की शुरुआत अगस्त में हुई थी। 18 अगस्त से गर्दनीबाग धरना स्थल पर TRE-4 और अन्य लंबित प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों ने आंदोलन शुरू किया था। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के सामने अपनी मांगें रखीं और समय पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी थी।आंदोलन के दौरान अभ्यर्थियों ने परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उनका कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार और भर्ती आयोग को स्पष्ट समयसीमा के साथ काम करना चाहिए।
अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के मुद्दे भी शामिल
गर्दनीबाग का आंदोलन केवल TRE-4 तक सीमित नहीं है। इसमें अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में देरी, भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे भी उठाए जा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि सरकारी नौकरियों की तैयारी करने वाले युवाओं को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।प्रदर्शनकारियों की मांग है कि परीक्षाओं का कैलेंडर समय पर जारी किया जाए और परीक्षा से लेकर परिणाम व नियुक्ति तक की प्रक्रिया तय समयसीमा में पूरी की जाए।
सरकार पर बढ़ रहा दबाव
पटना में जारी छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। विपक्षी नेताओं ने आंदोलनरत छात्रों की कुछ मांगों का समर्थन करते हुए सरकार पर रोजगार और भर्ती प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं।फिलहाल गर्दनीबाग में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी है। TRE-4 का नोटिफिकेशन आने के बावजूद छात्रों की अन्य मांगों को लेकर असंतोष बना हुआ है। ऐसे में अब सरकार और संबंधित भर्ती आयोग की ओर से इन मांगों पर क्या कदम उठाया जाता है, इस पर अभ्यर्थियों की नजर है।

