Bihar News: बेटी के जन्मदिन पर मुखिया ने दान कर दी 18 कट्ठा जमीन, 40 से ज्यादा महादलित परिवारों को मिलेगा अपना आशियाना
बिहार के भोजपुर जिले की सरथुआ पंचायत के मुखिया राकेश सिंह ने समाज सेवा की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। उन्होंने अपनी पांच साल की बेटी के जन्मदिन को खास बनाने के लिए अपनी 18 कट्ठा निजी जमीन 40 से अधिक महादलित और बेघर परिवारों को दान कर दी।
जमीन जैसी कीमती संपत्ति को जरूरतमंदों के लिए समर्पित करने के इस फैसले ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। मुखिया राकेश सिंह की इस पहल को लोग सामाजिक जिम्मेदारी और इंसानियत की मिसाल बता रहे हैं।
बेघर परिवारों को मिलेगा स्थायी आशियाना
राकेश सिंह की ओर से दान की गई जमीन का लाभ उन परिवारों को मिलेगा, जिनके पास रहने के लिए अपनी जमीन नहीं है। वर्षों से घर बनाने के लिए जमीन की तलाश कर रहे गरीब परिवारों के लिए यह फैसला बड़ी राहत लेकर आया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इन परिवारों के पास आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण अपना घर बनाना मुश्किल था। अब जमीन मिलने के बाद उन्हें स्थायी आशियाना बनाने की उम्मीद जगी है।
बेटी के जन्मदिन को बनाया यादगार
मुखिया राकेश सिंह ने अपनी बेटी के जन्मदिन को केवल पारिवारिक खुशी तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे समाज सेवा के अवसर के रूप में बदल दिया। उन्होंने जरूरतमंद परिवारों को जमीन दान कर यह संदेश दिया कि खुशियां बांटने से उनका महत्व और बढ़ जाता है।
उनका कहना है कि जीवन में सबसे बड़ा योगदान वही है, जिससे किसी जरूरतमंद के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए।
‘इंसानियत जाति से बड़ी है’
राकेश सिंह का मानना है कि समाज में इंसानियत सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान उसकी जाति से नहीं, बल्कि उसके कर्मों से होती है।
उनका कहना है कि समाज के कमजोर वर्गों की मदद करना हर सक्षम व्यक्ति की जिम्मेदारी होनी चाहिए। समाज के लिए किया गया अच्छा काम आने वाली पीढ़ियों तक याद रखा जाता है।
जमीन विवादों के बीच पेश की अलग मिसाल
आज के समय में जहां जमीन को लेकर विवाद और आपसी संघर्ष की खबरें अक्सर सामने आती हैं, वहीं 18 कट्ठा जमीन दान करने का फैसला लोगों के लिए प्रेरणादायक बन गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन दान करने का यह कदम केवल आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि गरीब परिवारों को सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर भी देता है।
लोगों ने की पहल की सराहना
मुखिया राकेश सिंह की इस पहल की ग्रामीणों ने जमकर सराहना की है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि होने के साथ-साथ उन्होंने सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का उदाहरण पेश किया है।
उनकी इस पहल से न सिर्फ जरूरतमंद परिवारों को लाभ मिलेगा, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा मिलेगा।
भोजपुर के राकेश सिंह का यह फैसला दिखाता है कि संपत्ति का सही उपयोग समाज के कमजोर लोगों की जिंदगी बदल सकता है। उनकी पहल अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।

