विशेष भूमि सर्वेक्षण को गति देने के लिए बिहार सरकार का बड़ा कदम, 61 राजस्व अधिकारियों का तबादला
बिहार सरकार ने राज्य में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्य में तेजी लाने के उद्देश्य से राजस्व सेवा के 61 अधिकारियों का तबादला किया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत विभिन्न जिलों में अधिकारियों की नई तैनाती की गई है।
तबादला सूची में सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, जिला भू अर्जन पदाधिकारी तथा राजस्व अधिकारी-सह-कानूनगो जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत अधिकारी शामिल हैं। सरकार का मानना है कि नई तैनातियों से भूमि सर्वेक्षण और रिकॉर्ड अद्यतन करने की प्रक्रिया को गति मिलेगी।
अधिकारियों के अनुसार, विशेष भूमि सर्वेक्षण राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य भूमि अभिलेखों को अद्यतन करना, स्वामित्व संबंधी विवादों को कम करना और जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। इसके लिए विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर सर्वेक्षण कार्य चल रहा है।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि कई क्षेत्रों में सर्वेक्षण कार्य की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं थी। ऐसे में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और कार्यों की प्रभावी निगरानी के लिए अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। नई तैनाती के बाद संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जल्द कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि विशेष भूमि सर्वेक्षण का कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। इसके लिए तकनीकी संसाधनों के उपयोग के साथ-साथ प्रशासनिक स्तर पर भी लगातार समीक्षा की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और सर्वेक्षण कार्यों के पूरा होने से जमीन संबंधी विवादों में कमी आएगी और विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी अधिक सुगम होगी।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट किया है कि सर्वेक्षण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नई जिम्मेदारियों के साथ अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे अभियान को गति देते हुए भूमि अभिलेखों को अद्यतन करने के लक्ष्य को समय पर पूरा करें।
सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल को विशेष भूमि सर्वेक्षण अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

