बिहार बाढ़: मुख्यमंत्री ने प्रभावित इलाकों का किया हवाई सर्वेक्षण, पीड़ितों के लिए राहत का ऐलान
बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच मुख्यमंत्री ने पश्चिम चंपारण समेत कई जिलों के प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों, नदियों के बढ़ते जलस्तर और क्षतिग्रस्त तटबंधों की स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सारण जिले के मकेर प्रखंड में टूटे तटबंध का भी हवाई निरीक्षण किया। सर्वेक्षण के बाद उन्होंने बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत और सहायता से जुड़े महत्वपूर्ण ऐलान किए।
गंडक समेत कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण बिहार के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। पश्चिम चंपारण के बाद मुजफ्फरपुर, गोपालगंज और सारण के कई इलाकों में भी बाढ़ का पानी फैल गया है। कई जगह तटबंधों पर दबाव बढ़ने के कारण उन्हें नुकसान पहुंचा है। सारण के मकेर प्रखंड में तटबंध टूटने से आसपास के इलाकों में भी पानी फैल गया है।
मुख्यमंत्री ने लिया जमीनी हालात का जायजा
मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण के दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति को करीब से देखा। उन्होंने नदियों के जलस्तर, पानी से घिरे गांवों और प्रभावित इलाकों की स्थिति का निरीक्षण किया। इसके साथ ही तटबंधों को हुए नुकसान का भी जायजा लिया गया।
मकेर प्रखंड में टूटे तटबंध की स्थिति को लेकर भी अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को तेज करने तथा लोगों तक जरूरी सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए।
बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत का ऐलान
हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए राहत का ऐलान किया। सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि राहत सामग्री और जरूरी सुविधाएं प्रभावित लोगों तक समय पर पहुंचाई जाएं।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, भोजन और पेयजल उपलब्ध कराने के साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था पर भी जोर दिया जा रहा है। जिन इलाकों में सड़क संपर्क बाधित हुआ है, वहां राहत पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
तटबंधों की मरम्मत पर जोर
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए क्षतिग्रस्त तटबंधों की तत्काल मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें संवेदनशील स्थानों पर निगरानी कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। राहत और बचाव कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सरकार का फोकस फिलहाल प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रखने और उन्हें जरूरी सहायता उपलब्ध कराने पर है।

