Bihar Expressway: बिहार का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे, भागलपुर से दिल्ली तक कनेक्टिविटी होगी आसान; 6 लेन सड़क पर 120 की रफ्तार
बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। बक्सर से भागलपुर के बीच 336 किलोमीटर लंबे 6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को मंजूरी दी गई है। यह परियोजना बिहार के 13 जिलों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है और इससे राज्य के पश्चिमी हिस्से से पूर्वी हिस्से तक तेज आवाजाही का रास्ता तैयार होगा। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक परियोजना को पीपीपी मोड में विकसित किया जाएगा।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे सीधे दिल्ली तक नहीं जाता। दिल्ली से कनेक्टिविटी दूसरे हाईवे और एक्सप्रेसवे नेटवर्क के जरिए बेहतर होगी। इसलिए इसे भागलपुर से दिल्ली की सीधी एक्सप्रेसवे सड़क कहना तकनीकी रूप से सही नहीं होगा।
336 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेसवे
बक्सर-भागलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 336 किलोमीटर प्रस्तावित है। यह छह लेन का हाई-स्पीड कॉरिडोर होगा। परियोजना का उद्देश्य बिहार के अलग-अलग हिस्सों के बीच आवागमन को तेज करना और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।रिपोर्टों के अनुसार इस परियोजना से बिहार के करीब 13 जिलों को सीधा या महत्वपूर्ण लाभ मिलने की उम्मीद है। इनमें भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, जमुई समेत कई जिले शामिल बताए जा रहे हैं।
120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार का दावा
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को हाई-स्पीड यातायात के हिसाब से विकसित किया जाएगा। कुछ रिपोर्टों में इस कॉरिडोर पर वाहनों की अधिकतम डिजाइन स्पीड 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक होने की बात कही गई है। हालांकि वास्तविक गति सीमा सड़क के निर्माण, सुरक्षा मानकों और अंतिम अधिसूचना पर निर्भर करेगी।एक्सप्रेसवे तैयार होने के बाद लंबी दूरी की यात्रा में समय की बचत होगी। मौजूदा मार्गों की तुलना में वाहनों को अधिक सुगम और नियंत्रित यातायात व्यवस्था मिल सकती है।
बिहार के कई जिलों को मिलेगा फायदा
इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा उन जिलों को मिलने की उम्मीद है, जो अभी बेहतर हाई-स्पीड सड़क नेटवर्क से पूरी तरह नहीं जुड़े हैं। एक्सप्रेसवे बनने से कृषि उत्पाद, औद्योगिक सामान और अन्य माल को एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र तक पहुंचाने में समय कम हो सकता है।इसके अलावा नए एक्सप्रेसवे के आसपास लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, पेट्रोल पंप, होटल और अन्य कारोबारी गतिविधियों के विकसित होने की संभावना भी बढ़ सकती है।
भागलपुर की कनेक्टिविटी होगी मजबूत
भागलपुर बिहार के प्रमुख शहरों में शामिल है और पूर्वी बिहार का महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र भी है। बक्सर की तरफ से आने वाला यह नया कॉरिडोर भागलपुर को राज्य के पश्चिमी हिस्से से बेहतर तरीके से जोड़ने में मदद करेगा।दिल्ली समेत उत्तर भारत के बड़े शहरों तक पहुंच के लिए यह एक्सप्रेसवे मौजूदा हाईवे नेटवर्क से जुड़कर लंबी दूरी के सफर को आसान बना सकता है। यानी भागलपुर से दिल्ली के लिए सीधी सड़क नहीं, बल्कि बेहतर इंटरकनेक्टेड एक्सप्रेसवे नेटवर्क तैयार होगा।
13 जिलों में विकास को मिलेगी रफ्तार
336 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट से केवल यात्रा का समय कम होने की उम्मीद नहीं है, बल्कि इसके आसपास के इलाकों में आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ सकती हैं। जमीन, व्यापार, परिवहन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में नई संभावनाएं पैदा होने की उम्मीद है।फिलहाल परियोजना को लेकर आगे की विस्तृत प्रक्रिया, अलाइनमेंट और निर्माण से जुड़े चरण महत्वपूर्ण होंगे। इसके पूरा होने के बाद बिहार में एक और बड़ा हाई-स्पीड सड़क कॉरिडोर तैयार होगा, जो राज्य के अलग-अलग हिस्सों की कनेक्टिविटी को नई दिशा दे सकता है।

