Bihar Election 2025: बांकीपुर सीट से चुनावी मैदान में उतरेंगे प्रशांत किशोर, VIP सीट पर होगी सियासी जंग
बिहार की राजनीति में एक बड़ा सियासी मुकाबला देखने को मिल सकता है। जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पटना की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर ली है। यह सीट बिहार की सबसे हाई-प्रोफाइल और ‘VIP’ शहरी सीटों में गिनी जाती है, जहां से चुनाव लड़ना किसी भी नेता के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती माना जाता है।
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र लंबे समय से शहरी राजनीति का केंद्र रहा है। यह सीट राजधानी पटना के महत्वपूर्ण इलाकों को कवर करती है और यहां शिक्षित मतदाताओं के साथ-साथ कायस्थ समाज की बड़ी मौजूदगी मानी जाती है। इसी वजह से इस सीट पर राजनीतिक दलों की खास नजर रहती है।
प्रशांत किशोर की एंट्री से बढ़ी सियासी हलचल
जनसुराज पार्टी के जरिए बिहार की राजनीति में नई शुरुआत करने वाले प्रशांत किशोर अब खुद चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। बांकीपुर जैसी प्रतिष्ठित सीट से चुनाव लड़ने का फैसला उनकी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
प्रशांत किशोर इससे पहले चुनावी रणनीतिकार के रूप में कई बड़े राजनीतिक अभियानों से जुड़े रहे हैं। अब वह सीधे चुनाव लड़कर अपनी पार्टी की राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
बांकीपुर सीट पर बीजेपी का दबदबा
बांकीपुर विधानसभा सीट पर पिछले चुनावों में भारतीय जनता पार्टी का प्रभाव रहा है। 2025 विधानसभा चुनाव में नितिन नबीन ने इस सीट से शानदार जीत दर्ज की थी। उन्हें 98,299 वोट मिले थे, जो कुल वोटों का करीब 63.25 प्रतिशत था।
नितिन नबीन की मजबूत पकड़ और बीजेपी के संगठन को देखते हुए बांकीपुर सीट पर मुकाबला आसान नहीं माना जा रहा है। प्रशांत किशोर के सामने यहां बीजेपी के मजबूत आधार को चुनौती देने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
कायस्थ बहुल सीट पर मुकाबला दिलचस्प
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र को कायस्थ बहुल सीट माना जाता है। यहां जातीय समीकरण चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा शहरी मतदाता, युवा वर्ग और मध्यम वर्ग भी इस सीट के चुनावी परिणामों को प्रभावित करते हैं।
प्रशांत किशोर की छवि एक नए विकल्प के रूप में बनाई जा रही है। ऐसे में उनकी कोशिश होगी कि वह पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों से अलग विकास, रोजगार और सुशासन जैसे मुद्दों को लेकर मतदाताओं तक पहुंचें।
जनसुराज के लिए बड़ी परीक्षा
बिहार की राजनीति में नई पार्टी के रूप में जनसुराज के लिए यह चुनाव बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। प्रशांत किशोर लगातार राज्य के अलग-अलग हिस्सों में जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं और अपनी पार्टी को मजबूत करने में जुटे हैं।
बांकीपुर जैसी हाई-प्रोफाइल सीट से चुनाव लड़ना पार्टी के लिए एक बड़ा संदेश भी माना जा रहा है। अगर प्रशांत किशोर यहां मजबूत प्रदर्शन करते हैं तो इसका असर राज्य की अन्य सीटों पर भी पड़ सकता है।
आने वाले दिनों में बढ़ेगी सियासी गर्मी
बांकीपुर सीट पर अब मुकाबला और रोचक हो गया है। एक तरफ बीजेपी का मजबूत संगठन और मौजूदा विधायक की पकड़ है, तो दूसरी ओर प्रशांत किशोर अपनी नई राजनीतिक पहचान के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव में इस सीट पर सभी की नजरें रहेंगी, क्योंकि यहां का मुकाबला सिर्फ दो उम्मीदवारों के बीच नहीं बल्कि पुराने राजनीतिक ढांचे और नए

