बिहार नोटबंदी घोटाला: 10 साल पुराने मामले में EOU की बड़ी कार्रवाई, बैंक अधिकारी अरविंद कुमार गिरफ्तार
बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने करीब 10 साल पुराने नोटबंदी घोटाले के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी अरविंद कुमार को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को झारखंड के कोडरमा स्थित बैंक ऑफ इंडिया से पकड़ा गया है।
आर्थिक अपराध इकाई की इस कार्रवाई के बाद पुराने नोटबंदी घोटाले का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से जांच एजेंसी की नजर में था और उसकी तलाश की जा रही थी।
बैंक ऑफ इंडिया में पदस्थ था आरोपी
जानकारी के अनुसार, आरोपी अरविंद कुमार वर्तमान में बैंक ऑफ इंडिया की कोडरमा शाखा में पदस्थ था। ईओयू की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे बैंक परिसर से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए संबंधित अधिकारियों के समक्ष पेश किया जाएगा। जांच एजेंसी अब मामले में उससे पूछताछ कर घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाने में लगी है।
नोटबंदी के दौरान सामने आया था मामला
यह मामला केंद्र सरकार द्वारा 2016 में की गई नोटबंदी के समय से जुड़ा बताया जा रहा है। उस दौरान पुराने 500 और 1000 रुपये के नोटों को बदलने और जमा करने की प्रक्रिया के दौरान कथित अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं।
ईओयू ने इस मामले में जांच शुरू की थी और कई लोगों की भूमिका की जांच की जा रही थी। जांच के दौरान कुछ आरोपियों के नाम सामने आए, जिनमें अरविंद कुमार भी शामिल बताया जा रहा है।
लंबे समय से चल रही थी तलाश
ईओयू के अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी काफी समय से फरार चल रहा था। जांच एजेंसी लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। सूचना मिलने के बाद टीम ने कोडरमा पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घोटाले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
EOU की कार्रवाई से मचा हड़कंप
पुराने नोटबंदी घोटाले में हुई इस गिरफ्तारी के बाद संबंधित लोगों में हड़कंप मच गया है। आर्थिक अपराध इकाई लगातार वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर कार्रवाई कर रही है।
फिलहाल अरविंद कुमार की गिरफ्तारी को इस मामले में एक अहम कदम माना जा रहा है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि आरोपी से पूछताछ के बाद घोटाले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

