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बिहार कांग्रेस में घमासान: 32 नेताओं को शो-कॉज नोटिस, पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप

बिहार कांग्रेस में घमासान: 32 नेताओं को शो-कॉज नोटिस, पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप

बिहार कांग्रेस में अंदरूनी कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। पार्टी की प्रदेश अनुशासन समिति ने 32 नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। इन नेताओं पर पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। नोटिस पाने वालों में पूर्व विधायक और पूर्व जिलाध्यक्ष स्तर के नेता भी शामिल हैं। इनमें अनिल सिंह, पूनम देवी, भारत भूषण दुबे, मृत्युंजय सिंह, सत्येंद्र यादव और विधु शेखर पांडेय के नाम प्रमुख हैं।

72 घंटे में देना होगा जवाब

पार्टी की ओर से जारी नोटिस में संबंधित नेताओं से 72 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। उनसे पूछा गया है कि उनके खिलाफ पार्टी नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। पार्टी ने संकेत दिया है कि तय समय में जवाब नहीं मिलने या स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

राजेश राम और कृष्णा अल्लावरु के खिलाफ प्रदर्शन बना वजह

दरअसल, बिहार कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरु को लेकर पार्टी के भीतर एक धड़ा लगातार नाराजगी जता रहा है। 8 सितंबर को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय के बाहर बिहार के कई नेताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारी नेताओं ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से बिहार संगठन में बदलाव की मांग की थी।

पार्टी अनुशासन समिति ने इस तरह के सार्वजनिक विरोध को पार्टी की नीति और निर्देशों के खिलाफ माना है। इसी आधार पर नेताओं से जवाब तलब किया गया है।

चुनाव के बाद से बढ़ती रही है गुटबाजी

बिहार कांग्रेस में यह विवाद अचानक सामने नहीं आया है। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट बंटवारे और संगठन में पुराने एवं जमीनी कार्यकर्ताओं की कथित अनदेखी को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें सामने आती रही थीं। चुनाव परिणाम के बाद असंतुष्ट नेताओं ने प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ अपनी नाराजगी और मुखर कर दी।

हाल के दिनों में यह खींचतान इतनी बढ़ी कि असंतुष्ट नेताओं का एक समूह दिल्ली तक पहुंच गया और कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व से बिहार संगठन की स्थिति पर हस्तक्षेप की मांग करने लगा। कुछ पूर्व निष्कासित नेताओं ने भी दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर राहुल गांधी से मुलाकात की मांग की थी।

पहले भी नेताओं पर हुई है कार्रवाई

बिहार कांग्रेस में अनुशासन को लेकर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। इसी साल राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी के तीन विधायकों के मतदान से दूरी बनाने के बाद उन्हें भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। अब 32 नेताओं पर एक साथ हुई कार्रवाई ने प्रदेश कांग्रेस में सियासी हलचल और तेज कर दी है।

फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि नोटिस पाने वाले नेता पार्टी नेतृत्व को क्या जवाब देते हैं। अगर जवाब से प्रदेश अनुशासन समिति संतुष्ट नहीं होती है तो आने वाले दिनों में बिहार कांग्रेस में कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है।

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