बिहार में बाढ़ की स्थिति का सीएम सम्राट चौधरी ने लिया जायजा, फरक्का बराज के सभी गेट खोले गए
बिहार में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और राहत कार्यों को तेजी से संचालित करने के निर्देश दिए।
हवाई सर्वेक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने नदियों के बढ़ते जलस्तर, जलमग्न क्षेत्रों और प्रभावित आबादी की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। लोगों को समय पर राहत सामग्री उपलब्ध कराने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखें। खासकर उन इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है, जहां बाढ़ का खतरा अधिक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना होगा।
इसी बीच फरक्का बराज के सभी गेट खोल दिए गए हैं। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बराज के सभी गेट खोलने का फैसला लिया गया है। इसके बाद बिहार के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। नदी किनारे बसे क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से सतर्कता बढ़ा दी गई है।
बिहार में मानसून के दौरान हर साल कई जिलों में बाढ़ की स्थिति पैदा होती है। गंगा समेत कई प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से नाव, राहत शिविर और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं तैयार रखी जाती हैं।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित इलाकों में लोगों की जरूरतों का ध्यान रखा जाए और राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई जाए। इसके अलावा तटबंधों और जल संसाधन से जुड़े क्षेत्रों की भी लगातार निगरानी करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री के हवाई सर्वेक्षण के बाद प्रशासनिक स्तर पर बाढ़ की स्थिति की समीक्षा तेज हो गई है। सरकार का कहना है कि प्रभावित लोगों को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
फिलहाल बिहार के कई जिलों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट मोड पर हैं। आने वाले दिनों में नदी के जलस्तर और मौसम की स्थिति के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

