बिहार में नीतीश सरकार ने राज्य के बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बड़ी पहल की है। इस पहल के तहत राज्य सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस वित्तीय वर्ष में लगभग 4% अधिक सब्सिडी राशि की घोषणा की है। शुक्रवार को कैबिनेट ने भी सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। राज्य सरकार के इस फैसले से लोग राहत महसूस कर रहे हैं।
दरअसल, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के तहत राज्य सरकार ने 15 हजार रुपये की निश्चित अनुदान राशि उपलब्ध कराई है। राज्य में विभिन्न श्रेणी के विद्युत उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट विद्युत खपत पर 1000 रुपये का भुगतान किया जाएगा। 15,9,95 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत यह अप्रैल 2025 से अगले मार्च तक की अवधि के लिए है। 15,995 रुपये प्रति माह की दर से 1332.92 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैं। यह राशि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा एनटीपीसी लिमिटेड को सीधे भुगतान की जाएगी।
हर ग्राहक को सब्सिडी मिलेगी।
इसकी जानकारी देते हुए कैबिनेट सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली सहायता योजना के तहत सरकार हर महीने आने वाले बिल पर सब्सिडी देती है। हर ग्राहक को सब्सिडी मिलती है। यह पहले से ही हो रहा है। कैबिनेट द्वारा वर्ष 2025-26 में सब्सिडी के भुगतान के लिए इस नई राशि को मंजूरी दी गई है। प्रत्येक बिल में सब्सिडी राशि अंकित होती है।
63 लाख ग्राहकों को होगा फायदा
सरकार की इस घोषणा का सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। सरकार की इस घोषणा से राज्य के 1.25 करोड़ से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को 40 पैसे प्रति यूनिट बिजली सस्ती मिलेगी। इसी तरह राज्य में ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या 63 लाख से अधिक है। जिन लोगों ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगा रखे हैं। उन्हें 25 पैसे प्रति यूनिट की दर से सस्ती बिजली मिलेगी। विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक स्मार्ट मीटर लगाने के लिए भुगतान पर रिचार्ज कराने पर 3 फीसदी की छूट दी जाती थी। वहीं, राज्य सरकार के इस फैसले से लोग राहत महसूस कर रहे हैं।

