‘समृद्धि यात्रा’ के अगले चरण में सिवान पहुंचेंगे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, विकास योजनाओं को देंगे नई गति
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी महत्वाकांक्षी ‘समृद्धि यात्रा’ के अगले चरण में सिवान जिले का दौरा करने जा रहे हैं। इस दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री एक बार फिर सिवान को विकास योजनाओं की सौगात देंगे और ज़मीनी स्तर पर चल रही परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। नीतीश कुमार की यह यात्रा केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसका सीधा राजनीतिक और सामाजिक असर भी देखने को मिल सकता है।
सिवान जिला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए राजनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जाता है। पिछली प्रगति यात्रा के दौरान उन्होंने यहां कई बड़ी विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया था, जिसका असर बाद में हुए विधानसभा चुनाव में साफ तौर पर देखने को मिला। जनता के बीच यह संदेश गया था कि सरकार ज़मीनी विकास को लेकर गंभीर है, और इसी का लाभ सत्तारूढ़ गठबंधन को मिला।
इस बार की ‘समृद्धि यात्रा’ में मुख्यमंत्री शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल और रोजगार से जुड़ी योजनाओं पर विशेष ध्यान दे सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक सिवान में कई नई योजनाओं की घोषणा की संभावना है, वहीं पहले से चल रही परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी ली जाएगी। मुख्यमंत्री अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे सकते हैं कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
नीतीश कुमार की यात्राओं की खासियत रही है कि वे सीधे आम लोगों से संवाद करते हैं और मौके पर ही समस्याओं के समाधान के निर्देश देते हैं। सिवान दौरे के दौरान भी वे जनसभाओं और समीक्षा बैठकों के जरिए जनता की बात सुन सकते हैं। इससे न केवल प्रशासनिक सक्रियता बढ़ती है, बल्कि सरकार और जनता के बीच भरोसा भी मजबूत होता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए मुख्यमंत्री की यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है। सिवान जैसे जिलों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाकर नीतीश कुमार एक बार फिर ‘सुशासन’ और ‘विकास पुरुष’ की अपनी छवि को मजबूत करना चाहते हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों में सड़क और सिंचाई परियोजनाएं चुनावी मुद्दों को प्रभावित कर सकती हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पार्टी कार्यकर्ताओं में भी मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। उनका मानना है कि इस यात्रा से जिले को नई पहचान मिलेगी और लंबित मांगों को सरकार तक सीधे पहुंचाने का अवसर मिलेगा। वहीं विपक्ष इस यात्रा को चुनावी तैयारी से जोड़कर देख रहा है, लेकिन यह भी स्वीकार करता है कि विकास योजनाओं का असर जनता पर पड़ता है।

