बिहार कैबिनेट विस्तार: किसकी लगेगी ‘लॉटरी’, किसकी छूटेगी ‘ट्रेन’? गुरुवार को तस्वीर होगी साफ
बिहार की राजनीति में गुरुवार, 7 मई का दिन बेहद अहम होने जा रहा है। यह तय हो चुका है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मंत्रिपरिषद का विस्तार राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में होगा। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि किस विधायक की ‘लॉटरी’ खुलेगी और किसकी ‘ट्रेन’ छूट जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, इस बार कैबिनेट विस्तार में कई नए चेहरों को मौका मिल सकता है। वहीं कुछ मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी भी तय मानी जा रही है। पार्टी नेतृत्व इस बार संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रहा है, जिसमें क्षेत्रीय, जातीय और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखा जा रहा है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रदर्शन के आधार पर कुछ पुराने मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है, जबकि संगठन और चुनावी समीकरणों को मजबूत करने के लिए नए चेहरों को मौका दिया जाएगा। ऐसे में कई विधायकों की उम्मीदें चरम पर हैं।
बताया जा रहा है कि संभावित मंत्रियों की सूची को लेकर मंथन अंतिम चरण में है। पार्टी हाईकमान और प्रदेश नेतृत्व के बीच लगातार बैठकें चल रही हैं, ताकि एक संतुलित और प्रभावी टीम तैयार की जा सके।
इस बार शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने की भी तैयारी है, जिसमें बड़े नेताओं की मौजूदगी संभावित है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कैबिनेट विस्तार आने वाले चुनावों की रणनीति को भी प्रभावित करेगा।
गुरुवार को होने वाले इस विस्तार में यह भी देखने वाली बात होगी कि किन नेताओं को संगठन में रखा जाता है और किन्हें सरकार में जिम्मेदारी मिलती है। कई ऐसे चेहरे भी हैं जो लंबे समय से मंत्री बनने का इंतजार कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, 7 मई का दिन बिहार की राजनीति के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। जहां एक ओर कुछ नेताओं के लिए यह मौका नई जिम्मेदारी का होगा, वहीं कुछ के लिए यह निराशा का कारण भी बन सकता है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आखिरकार किसकी किस्मत चमकती है और किसकी ‘ट्रेन’ छूट जाती है।

