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बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा की शुरुआत, पहले दिन परीक्षार्थियों को समय और नियमों से परेशानी

बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा की शुरुआत, पहले दिन परीक्षार्थियों को समय और नियमों से परेशानी

बिहार बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा सोमवार, 2 फरवरी से शुरू हो गई है और यह 13 फरवरी तक चलेगी। परीक्षा के पहले दिन ही पटना समेत कई जिलों के परीक्षा केंद्रों पर कड़ी जांच और सख्त नियमों के कारण छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

परीक्षा अधिकारियों के अनुसार, कई परीक्षा केंद्रों पर देर से पहुंचने और प्रवेश प्रक्रिया में देरी के कारण दर्जनों परीक्षार्थियों को परीक्षा में बैठने का अवसर नहीं मिल सका। यह स्थिति छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए चिंता का कारण बनी। कुछ छात्रों ने बताया कि ट्रैफिक जाम, सार्वजनिक परिवहन में देरी और केंद्र तक पहुँचने में कठिनाइयों के कारण उन्हें समय पर प्रवेश नहीं मिल सका।

परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और अनुशासन के लिए सख्त नियम लागू किए गए थे। अधिकारी बताते हैं कि परीक्षा की अखंडता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए प्रवेश समय की सीमा के बाद किसी भी छात्र को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई। इस कदम से परीक्षा का अनुशासन और संचालन सुचारु रूप से सुनिश्चित किया गया।

पटना जिले के एक परीक्षा केंद्र में परीक्षार्थियों ने कहा कि नियमों की सख्ती समझ में आती है, लेकिन परिस्थितियों के कारण समय पर न पहुँच पाने वाले छात्रों के लिए यह काफी कठिन साबित हुआ। कुछ छात्रों का कहना था कि यदि थोड़ी लचीलापन दी जाती तो कई छात्रों की परीक्षा छूटने से बच सकती थी।

कुछ केंद्रों पर छात्रों का फूलों और स्वागत के माध्यम से स्वागत भी किया गया, जिससे उनके तनाव को कम करने का प्रयास किया गया। हालांकि, देर से पहुँचने वाले छात्रों के लिए यह राहत पर्याप्त नहीं थी। विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा में अनुशासन बनाए रखना जरूरी है, लेकिन छात्रों की व्यक्तिगत परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना चाहिए।

परीक्षा अधिकारियों ने कहा कि बोर्ड ने सभी केंद्रों पर सुरक्षा और प्रवेश प्रक्रिया के नियमों की सूचना पहले ही जारी कर दी थी। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे परीक्षा केंद्रों पर समय से पहुँचें और सभी निर्देशों का पालन करें। इसके अलावा, अभिभावकों को भी छात्रों को समय पर केंद्र तक पहुँचाने में सहयोग करना चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा के पहले दिन की घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन को प्रवेश प्रक्रिया में सुधार और आपात परिस्थितियों के लिए योजना बनाने की आवश्यकता है। इससे छात्रों की परेशानियों को कम किया जा सकता है और सभी को समान अवसर मिल सकेगा।

बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा की शुरुआत ने यह भी उजागर किया कि ट्रैफिक, केंद्रों तक पहुँचने की दूरी और सुरक्षा नियम छात्रों के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बन सकते हैं। हालांकि, परीक्षा अधिकारियों ने कहा कि ये उपाय परीक्षा के निष्पक्ष संचालन और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी हैं।

इस तरह, पहले दिन की घटनाओं ने परीक्षा के अनुशासन और छात्रों की वास्तविक परिस्थितियों के बीच संतुलन की आवश्यकता को सामने लाया है। छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में कुछ लचीले प्रावधान या आपातकालीन नियम लागू किए जाएँ, तो भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचा जा सकता है।

बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा अब 13 फरवरी तक जारी रहेगी और अधिकारियों का कहना है कि सभी केंद्रों पर नियमों का पालन और छात्रों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं।

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