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पटना समेत बिहार के 6 जिले देश के टॉप-100 हादसाग्रस्त जिलों में शामिल, सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा ऑपरेशन शुरू करेगी सरकार

पटना समेत बिहार के 6 जिले देश के टॉप-100 हादसाग्रस्त जिलों में शामिल, सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा ऑपरेशन शुरू करेगी सरकार

बिहार में बढ़ते सड़क हादसे अब सरकार के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गए हैं। राजधानी पटना समेत बिहार के 6 जिले देश के उन 100 जिलों की सूची में शामिल हैं, जहां सड़क दुर्घटनाएं सबसे अधिक होती हैं। इस चौंकाने वाले आंकड़े के सामने आने के बाद केंद्र सरकार और बिहार सरकार ने मिलकर सड़क सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और व्यापक ऑपरेशन शुरू करने का फैसला किया है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इन जिलों में हर साल बड़ी संख्या में लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं या गंभीर रूप से घायल होते हैं। राजधानी पटना में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव, नियमों की अनदेखी और अव्यवस्थित यातायात को हादसों की बड़ी वजह माना जा रहा है। इसके अलावा अन्य पांच जिलों में भी राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और हेलमेट-सीट बेल्ट के नियमों की अनदेखी हादसों को बढ़ावा दे रही है।

अब क्या करेगी सरकार?
केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इन हादसाग्रस्त जिलों में एक विशेष रोड सेफ्टी ऑपरेशन चलाएंगी। इसके तहत सबसे पहले दुर्घटनाओं के ब्लैक स्पॉट्स की पहचान की जाएगी। जहां बार-बार हादसे होते हैं, वहां सड़क की बनावट, साइन बोर्ड, लाइटिंग और ट्रैफिक सिग्नल को दुरुस्त किया जाएगा।

इसके साथ ही ट्रैफिक नियमों के सख्त पालन के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर गाड़ी चलाने, बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। इन जिलों में स्पीड कैमरे, रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन सिस्टम और CCTV कैमरे लगाए जाने की भी योजना है।

पुलिस और प्रशासन की भूमिका
इस ऑपरेशन में ट्रैफिक पुलिस की भूमिका अहम होगी। पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे सड़क सुरक्षा नियमों को प्रभावी तरीके से लागू कर सकें। इसके अलावा एम्बुलेंस और ट्रॉमा केयर सुविधाओं को भी मजबूत किया जाएगा, ताकि हादसे के बाद समय पर इलाज मिल सके और जान बचाई जा सके।

जन-जागरूकता पर भी जोर
सरकार का मानना है कि केवल सख्ती से ही नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता फैलाकर भी हादसों को कम किया जा सकता है। इसके लिए स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर सड़क सुरक्षा को लेकर अभियान चलाए जाएंगे। लोगों को हेलमेट, सीट बेल्ट और ट्रैफिक नियमों के महत्व के बारे में बताया जाएगा।

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