ड्रग सिंडिकेट का बड़ा खुलासा, दलाल बना केस डायरी लिखने वाला, पुलिस तंत्र में घुसपैठ, तीन जिलों के 11 एसआई सस्पेंड
बिहार में नशा तस्करी से जुड़े एक बड़े और चौंकाने वाले मामले का खुलासा हुआ है, जिसने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में सामने आया है कि एक दलाल न सिर्फ ड्रग सिंडिकेट चला रहा था, बल्कि पुलिस से जुड़ी केस डायरी भी लिख रहा था और कई थानों की गोपनीय फाइलों तक उसकी पहुंच थी।
यह मामला बिहार के पुलिस तंत्र से जुड़ा हुआ है, जहां संगठित नशा तस्करी नेटवर्क के साथ कथित मिलीभगत के गंभीर आरोप सामने आए हैं। जांच के दौरान आरोपी के पास से विभिन्न थानों की कई संवेदनशील फाइलें और दस्तावेज बरामद किए गए हैं।पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का नेटवर्क तीन जिलों तक फैला हुआ था और वह पुलिस कार्रवाई की जानकारी पहले से ही तस्करों तक पहुंचा देता था। इस वजह से कई मामलों में कार्रवाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
मामले के उजागर होने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए तीन जिलों के कुल 11 सब-इंस्पेक्टर (SI) को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और आंतरिक जांच तेज कर दी गई है।सूत्रों के अनुसार, यह सिंडिकेट लंबे समय से सक्रिय था और इसके जरिए ड्रग्स की सप्लाई और संरक्षण दोनों स्तरों पर काम किया जा रहा था। आरोपी की भूमिका केवल दलाल तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह जांच प्रक्रिया को भी प्रभावित करने में शामिल बताया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की तह तक जाने के लिए विशेष जांच टीम गठित की गई है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।बिहार पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए कहा है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जाएगा।फिलहाल इस खुलासे ने पुलिस व्यवस्था की कार्यप्रणाली और अंदरूनी सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, जबकि जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी हुई हैं।

