राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का बड़ा आदेश: सीओ को देना होगा शपथ पत्र, बताना होगा कि क्षेत्र में कोई भूमिहीन परिवार नहीं
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राज्य के सभी अंचलाधिकारियों (सीओ) के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। विभाग ने आदेश दिया है कि प्रत्येक सीओ को शपथ पत्र देकर यह प्रमाणित करना होगा कि उनके अंचल क्षेत्र में कोई भी पात्र परिवार भूमिहीन नहीं है।
सीओ से मांगा गया शपथ पत्र
विभागीय आदेश के अनुसार, अंचलाधिकारियों को अपने क्षेत्र की विस्तृत समीक्षा करने के बाद शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा। इसमें उन्हें स्पष्ट रूप से बताना होगा कि उनके अधिकार क्षेत्र में कोई भी भूमिहीन परिवार शेष नहीं है अथवा यदि है तो उसकी जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
इस कदम का उद्देश्य भूमिहीन परिवारों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना और भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को तेज करना बताया जा रहा है।
भूमिहीन परिवारों की होगी पहचान
सरकार लंबे समय से भूमिहीन परिवारों के पुनर्वास और उन्हें भूमि उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। नए आदेश के बाद अंचल स्तर पर सर्वेक्षण और सत्यापन प्रक्रिया को और अधिक गंभीरता से लागू किया जाएगा।
विभाग का मानना है कि इससे वास्तविक स्थिति का आकलन करने में मदद मिलेगी और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी।
जवाबदेही तय करने की तैयारी
विशेषज्ञों का मानना है कि शपथ पत्र की व्यवस्था से अंचलाधिकारियों की जवाबदेही बढ़ेगी। यदि बाद में किसी क्षेत्र में भूमिहीन परिवार पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा जा सकता है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य जमीनी स्तर पर प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करना और लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
विभाग ने मांगी सटीक रिपोर्ट
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे रिकॉर्ड, सर्वेक्षण और स्थानीय जांच के आधार पर ही रिपोर्ट तैयार करें। किसी भी प्रकार की गलत या भ्रामक जानकारी देने पर कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासनिक हलकों में चर्चा
विभाग के इस आदेश के बाद प्रशासनिक हलकों में इसकी काफी चर्चा हो रही है। माना जा रहा है कि इससे भूमिहीन परिवारों से जुड़े मामलों की निगरानी और प्रभावी होगी तथा सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
फिलहाल सभी अंचलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति का आकलन कर आवश्यक रिपोर्ट तैयार करने में जुट गए हैं।

