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बिहार में 4 वर्षीय ग्रेजुएशन कोर्स पर बड़ा फैसला, कम स्कोर वाले छात्रों को भी मिलेगा चौथे साल में दाखिला

बिहार में 4 वर्षीय ग्रेजुएशन कोर्स पर बड़ा फैसला, कम स्कोर वाले छात्रों को भी मिलेगा चौथे साल में दाखिला

बिहार के चार वर्षीय स्नातक (ग्रेजुएशन) पाठ्यक्रम को लेकर राजभवन ने बड़ा फैसला लिया है। अब कम अकादमिक स्कोर वाले छात्रों को भी स्नातक के चौथे वर्ष में प्रवेश से नहीं रोका जाएगा। इस संबंध में संशोधित अध्यादेश को राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है।

राज्यपाल के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि संशोधित अध्यादेश को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। नए प्रावधान लागू होने के बाद हजारों छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद है।

चौथे साल में प्रवेश को लेकर बदले नियम

चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में चौथे वर्ष में प्रवेश के लिए पहले छात्रों के अकादमिक प्रदर्शन को लेकर कुछ मानक तय किए गए थे। कम स्कोर वाले विद्यार्थियों को चौथे वर्ष में जाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता था।

अब राजभवन के फैसले के बाद ऐसे छात्रों के लिए भी आगे की पढ़ाई का रास्ता आसान हो गया है। कम अंक के आधार पर किसी छात्र को चौथे वर्ष में प्रवेश से वंचित नहीं किया जाएगा।

संशोधित अध्यादेश को मिली मंजूरी

राज्यपाल के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह के अनुसार, संशोधित अध्यादेश को राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है। इसके बाद विश्वविद्यालयों में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम से जुड़े नियमों में बदलाव लागू हो सकेगा।

यह फैसला छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी अपनी उच्च शिक्षा को पूरा कर सकें।

छात्रों को मिलेगा आगे बढ़ने का मौका

शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस निर्णय से उन छात्रों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जो किसी कारणवश पहले वर्षों में बेहतर अकादमिक प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। अब उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने और डिग्री पूरी करने का अवसर मिलेगा।

चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत लागू किया गया है। राजभवन के इस फैसले को उच्च शिक्षा व्यवस्था में छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

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