बिहार में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ी कार्रवाई, शिवहर में रिश्वत लेते राजस्व कर्मचारी गिरफ्तार
बिहार सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत शिवहर जिले में एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। विशेष निगरानी इकाई (Vigilance Unit) ने एक राजस्व कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी कर्मचारी को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, राजस्व कर्मचारी पर जमीन से जुड़े एक मामले में आवेदक से घूस की मांग करने का आरोप था। पीड़ित ने इस संबंध में विशेष निगरानी इकाई से शिकायत की थी। शिकायत की जांच के बाद निगरानी टीम ने योजना बनाकर ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।
सोमवार को जैसे ही राजस्व कर्मचारी ने शिकायतकर्ता से निर्धारित राशि बतौर रिश्वत ली, मौके पर तैनात निगरानी टीम ने उसे पकड़ लिया। आरोपी के पास से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
विशेष निगरानी इकाई के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी कर्मचारी लंबे समय से सरकारी कार्यों के बदले अवैध वसूली कर रहा था। प्रारंभिक पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। टीम अब यह भी जांच कर रही है कि इस भ्रष्टाचार में कोई अन्य अधिकारी या कर्मचारी शामिल तो नहीं है।
निगरानी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “बिहार सरकार की स्पष्ट नीति है कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी सरकारी कर्मचारी जनता से घूस मांगते या लेते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
इस कार्रवाई के बाद जिले के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। अन्य कर्मचारियों में भी डर का माहौल है। अधिकारियों का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयों से सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
स्थानीय लोगों ने निगरानी टीम की कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि राजस्व कार्यालयों में रिश्वतखोरी आम समस्या बन चुकी है और इस तरह की सख्त कार्रवाई से आम जनता को राहत मिलेगी।
फिलहाल आरोपी राजस्व कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की जांच में उसकी चल-अचल संपत्ति, बैंक खातों और पिछले मामलों की भी जांच की जाएगी।
विशेष निगरानी इकाई ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा घूस मांगी जाती है तो वे निडर होकर शिकायत दर्ज कराएं। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
इस कार्रवाई ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार और प्रशासन पूरी तरह सख्त और सक्रिय है। जीरो टॉलरेंस नीति के तहत आगे भी ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी।

