भारत विकास परिषद की संयुक्त कार्यशाला में संगठन विस्तार और सेवा गतिविधियों पर मंथन, प्रशिक्षण के महत्व पर दिया गया जोर
भारत विकास परिषद की संयुक्त कार्यशाला का आयोजन उत्साह और गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यशाला में परिषद की विभिन्न शाखाओं के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भाग लिया। इस दौरान संगठन के विस्तार, सेवा गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा कि भारत विकास परिषद का उद्देश्य केवल संगठन का विस्तार करना ही नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा और संस्कार की भावना पहुंचाना भी है। इसके लिए प्रत्येक सदस्य की सक्रिय भागीदारी और समर्पण आवश्यक है।
बैठक में सदस्यता अभियान को गति देने, नई शाखाओं के गठन तथा युवाओं और महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही परिषद की ओर से संचालित सेवा, संस्कार, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों को और व्यापक स्तर पर संचालित करने की रणनीति बनाई गई।
कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें पदाधिकारियों को संगठन संचालन, नेतृत्व क्षमता, टीम वर्क और प्रभावी कार्यप्रणाली के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि नियमित प्रशिक्षण से कार्यकर्ताओं की कार्यकुशलता बढ़ती है और संगठन को नई ऊर्जा एवं दिशा मिलती है।
अंत में सभी सदस्यों ने समाजहित में सेवा कार्यों को और अधिक सक्रियता के साथ आगे बढ़ाने तथा संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। आयोजन के सफल संचालन में परिषद के पदाधिकारियों और सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

