बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में नगर परिषद कार्यालय में हुए सनसनीखेज हत्याकांड के मुख्य आरोपी रामधनी यादव को पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर मुठभेड़ में मार गिराया। आरोपी पर कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या और सभापति पर जानलेवा हमले का गंभीर आरोप था।
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया गया था। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे घेरने की कोशिश की, लेकिन उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए फायरिंग शुरू कर दी।
आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें रामधनी यादव गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके से हथियार भी बरामद किए हैं।
गौरतलब है कि सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में दिनदहाड़े हुई फायरिंग में कार्यपालक पदाधिकारी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि सभापति गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज थे। फिलहाल, मामले की विस्तृत जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस हत्याकांड में और कौन-कौन शामिल था।
घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
इस त्वरित कार्रवाई के बाद पुलिस की कार्यशैली की सराहना भी हो रही है, लेकिन साथ ही मुठभेड़ को लेकर सवाल उठने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। फिलहाल, प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

