भागलपुर नगर निगम ने गंगा किनारे अवैध निर्माण पर कसा शिकंजा, पांच लोगों को नोटिस, ध्वस्तीकरण का चेतावनी
भागलपुर नगर निगम ने गंगा किनारे हो रहे अवैध निर्माणों को लेकर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। नए नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा ने मानिक सरकार घाट का औचक निरीक्षण किया और बिना नक्शा स्वीकृत कराए नींव डालने वाले पांच निर्माणकारियों को नोटिस जारी किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अगर तीन दिन के अंदर आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं किए गए, तो संबंधित निर्माणों को ध्वस्त कर दिया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि बेसमेंट का व्यावसायिक उपयोग हो रहा है या नहीं, इसकी भी पूरी जांच की जाए। उन्होंने कहा कि गंगा किनारे अवैध निर्माण न केवल नदी तट की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि इससे शहर की सुंदरता और पर्यावरण पर भी नकारात्मक असर पड़ता है।
इसके अलावा, कटाव स्थल पर सुरक्षा के लिए गार्डवाल निर्माण का भी आदेश दिया गया है। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि यह कदम नदी किनारे सुरक्षित ढांचे और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अवैध निर्माणों पर जल्द से जल्द कानूनी कार्रवाई की जाए और नगर निगम की ओर से कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि गंगा तट के नियमन और संरक्षा के लिए सख्ती अनिवार्य है।
भागलपुर नगर निगम का यह कदम नगर निगम क्षेत्र में कानून और नियमों के पालन को लेकर एक संदेश भी है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी किसी को अनुमति के बिना गंगा किनारे निर्माण करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इस कार्रवाई से अन्य लोगों को भी चेतावनी मिलती है कि नियमों का उल्लंघन नगर निगम सहन नहीं करेगा।

