बिहार के बेगूसराय जिले में 2019 में हुई दिवाली की रात की ट्रिपल मर्डर की सनसनीखेज वारदात में बड़ा फैसला सुनाया गया है। मामले की सुनवाई के बाद बेगूसराय कोर्ट ने मुख्य आरोपी विकास कुमार उर्फ विकास सिंह को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई है।
इस मामले में कोर्ट का फैसला आते ही पीड़ित परिवार में खुशी और संतोष की लहर दौड़ गई। परिवार का कहना है कि न्याय मिलने से उनके दुख को कुछ हद तक राहत मिली है, हालांकि खोई गई जानों की भरपाई संभव नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, यह घटना 2019 की दिवाली की रात सिंघौल थाना क्षेत्र के मचहा गांव में हुई थी। उस रात तीन लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और पुलिस ने घटना की तुरंत तत्काल छानबीन और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी शुरू की थी।
विकास कुमार उर्फ विकास सिंह को कोर्ट में पेश किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान साक्ष्य, गवाहों के बयान और फॉरेंसिक रिपोर्ट को ध्यान में रखा गया। अदालत ने सभी पहलुओं की गहन समीक्षा के बाद उसे दोषी करार दिया और सजा के रूप में फांसी की योग्यता तय की।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के सामूहिक हत्या के मामले समाज के लिए बेहद गंभीर चेतावनी हैं। न्यायपालिका का फैसला न केवल पीड़ित परिवार के लिए न्याय सुनिश्चित करता है, बल्कि समाज में यह संदेश भी देता है कि क्रूरतापूर्ण अपराधों पर कड़ा कदम उठाया जाएगा।
पीड़ित परिवार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस लंबे समय तक चले केस के बाद न्याय मिलने से मन को संतोष मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि अब उन्हें उम्मीद है कि न्यायिक प्रक्रिया और कानून का महत्व लोगों के बीच समझा जाएगा।
बेगूसराय कोर्ट ने यह फैसला सुनाते हुए यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे अपराधों की सख्त सजा और प्रभावी कार्रवाई भविष्य में ऐसे घटनाओं को रोकने में मदद करेगी। अदालत ने यह फैसला सुनिश्चित किया कि कानून के तहत दोषी को उचित और कड़ा दंड मिले।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि 2019 की इस वारदात में दोषियों की गिरफ्तारी और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने में लंबा समय लगा, लेकिन आज न्याय मिलने से इलाके के लोगों में कानून और व्यवस्था में विश्वास बढ़ा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मचहा गांव और आसपास के क्षेत्रों में यह घटना पहले ही डर और असुरक्षा का कारण बनी थी। अब फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद लोगों में राहत की भावना है और उन्हें लगता है कि समाज में न्याय का महत्व बनाए रखा जा रहा है।
इस प्रकार, बेगूसराय की सेशन कोर्ट का यह फैसला न केवल ट्रिपल मर्डर केस के पीड़ित परिवार के लिए न्याय की पुष्टि है, बल्कि समाज के लिए यह संदेश भी है कि साहसिक और क्रूरतापूर्ण अपराधों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

