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रक्षाबंधन से पहले CM सम्राट चौधरी का महिलाओं को बड़ा तोहफा, स्टार्टअप चैलेंज से लेकर बालिका PhD फेलोशिप तक कई योजनाओं का शुभारंभ

रक्षाबंधन से पहले CM सम्राट चौधरी का महिलाओं को बड़ा तोहफा, स्टार्टअप चैलेंज से लेकर बालिका PhD फेलोशिप तक कई योजनाओं का शुभारंभ

रक्षाबंधन से पहले बिहार की महिलाओं और बेटियों के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तीकरण, बेटियों की उच्च शिक्षा और छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्टार्टअप चैलेंज, बालिका PhD फेलोशिप और स्कूल-कॉलेजों के आसपास ‘पुलिस दीदी’ की तैनाती जैसी पहल का शुभारंभ किया। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं और छात्राओं को शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।मुख्यमंत्री के इन ऐलानों को रक्षाबंधन से पहले बिहार की महिलाओं के लिए सरकार की ओर से बड़ी सौगात के तौर पर देखा जा रहा है।

महिलाओं के लिए शुरू हुआ स्टार्टअप चैलेंज

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए महिला स्टार्टअप चैलेंज की शुरुआत की। इसका उद्देश्य बिहार की महिलाओं को अपने बिजनेस आइडिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें उद्यमिता के क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध कराना है।सरकार का जोर महिलाओं को नौकरी तलाशने वाली नहीं, बल्कि रोजगार पैदा करने वाली उद्यमी बनाने पर है। स्टार्टअप से जुड़ी महिलाओं को उनके नए बिजनेस आइडिया और नवाचार के आधार पर आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है।

बालिका PhD फेलोशिप की शुरुआत

बिहार सरकार ने बेटियों को उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए बालिका PhD फेलोशिप योजना भी शुरू की है। इसके जरिए छात्राओं को शोध और उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।सरकार का मानना है कि आर्थिक कारणों की वजह से कई प्रतिभाशाली छात्राएं उच्च शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ पाती हैं। फेलोशिप जैसी योजनाओं से उन्हें अपनी पढ़ाई और शोध जारी रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

स्कूल-कॉलेजों के पास तैनात होंगी ‘पुलिस दीदी’

छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने ‘पुलिस दीदी’ पहल का भी शुभारंभ किया। इसके तहत स्कूल और कॉलेज के आसपास महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना और स्कूल-कॉलेज आने-जाने के दौरान होने वाली किसी भी तरह की परेशानी पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है। छात्राएं जरूरत पड़ने पर महिला पुलिसकर्मियों से अपनी शिकायत और समस्या साझा कर सकेंगी।

महिला सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री की ओर से शुरू की गई इन योजनाओं में महिलाओं की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी आर्थिक और शैक्षणिक मजबूती पर भी जोर दिया गया है। एक तरफ स्टार्टअप चैलेंज के जरिए महिलाओं को कारोबार और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की कोशिश है, वहीं PhD फेलोशिप के जरिए बेटियों को उच्च शिक्षा और रिसर्च के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

‘पुलिस दीदी’ पहल छात्राओं की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में कदम है।

रक्षाबंधन से पहले बड़ा संदेश

रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते और बहनों की सुरक्षा से जुड़ा प्रमुख त्योहार है। ऐसे समय में बिहार सरकार की ओर से महिलाओं और बेटियों के लिए इन योजनाओं की शुरुआत को खास महत्व दिया जा रहा है।सरकार का दावा है कि इन पहलों के जरिए महिलाओं को सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के तीन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मदद मिलेगी। आने वाले समय में इन योजनाओं का विस्तार और इनके प्रभाव की समीक्षा भी की जाएगी।रक्षाबंधन से पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इन ऐलानों ने बिहार में महिला सशक्तीकरण को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा है। अब इन योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर कितनी महिलाओं और छात्राओं तक पहुंचता है, यह देखने वाली बात होगी।

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