इस होली बिहार के कई लोग नेपाल जाकर त्योहारी उत्सव मनाने की योजना बना रहे थे, लेकिन इस बार उनके उत्साह को बड़ा झटका लगा है। नेपाल सरकार ने बिहार से लगे बॉर्डर क्षेत्रों की सीमाओं को 72 घंटे के लिए पूरी तरह से सील कर दिया है। इसका सीधा असर बिहार के उन जिलों पर पड़ा है, जो नेपाल से सटे हुए हैं, और वहां से होली मनाने जाने वाले लोगों को बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, सीमा पर यह बंदी सोमवार रात 12 बजे से शुरू होकर गुरुवार रात्रि 12 बजे तक लागू रहेगी। नेपाल की तरफ से यह कदम वहाँ 5 मार्च को होने वाले प्रतिनिधि सभा चुनाव की वजह से उठाया गया है। नेपाल चुनाव की सुरक्षा और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सीमा पर परिचालन को अस्थायी रूप से बंद कर रहा है।
बिहार के सीमावर्ती जिलों के निवासियों के लिए यह फैसला अचानक आया है। स्थानीय लोग बताते हैं कि होली के लिए नेपाल जाना उनके लिए एक परंपरा बन चुकी है। मित्रों और परिवार के साथ वहाँ उत्सव मनाना हर साल की खास बात होती थी। लेकिन इस बार, सीमा बंद होने के कारण कई लोग निराश और मायूस हैं।
सीमा बंदी की वजह से नेपाल की यात्रा की सभी तैयारियाँ ठप पड़ गई हैं। यात्री कहते हैं कि होली की खरीददारी, यात्रा की योजना और नेपाल में होटलों की बुकिंग सब रद्द करनी पड़ी है। स्थानीय व्यापारी भी इस निर्णय से प्रभावित हुए हैं, क्योंकि सीमावर्ती क्षेत्रों के व्यवसायिक संबंध नेपाल के व्यापार पर भी निर्भर करते हैं।
नेपाल बॉर्डर से जुड़े अधिकारी बताते हैं कि सुरक्षा कारणों और चुनाव की शांतिपूर्ण प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए यह आवश्यक कदम उठाया गया है। अधिकारीयों ने यह भी कहा कि सीमा पर किसी भी प्रकार की अनावश्यक गतिविधि पर रोक लगाई गई है, ताकि चुनाव में किसी भी तरह की बाधा या असामाजिक गतिविधि न हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार होली पर बिहार-नेपाल सीमा का यह बंदी केवल तीन दिन का है, लेकिन इसका असर उन यात्रियों और व्यवसायियों पर पड़ रहा है, जिनकी योजना पहले से निर्धारित थी। उन्होंने कहा कि लोग इस अवसर को स्थानीय स्तर पर मनाने की कोशिश करेंगे, लेकिन नेपाल की यात्रा का मज़ा इस बार नहीं लिया जा सकेगा।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सीमा बंद होने की स्थिति में धैर्य बनाए रखें और सार्वजनिक सुरक्षा और नियमों का पालन करें। बिहार सरकार ने भी यह सुनिश्चित किया है कि इस दौरान किसी प्रकार की समस्या आने पर यात्रियों और व्यापारियों की मदद की जाएगी।
इस प्रकार, इस बार की होली बिहार के सीमावर्ती जिलों में रहने वाले लोगों के लिए कुछ मायूस साबित हुई है। नेपाल की यात्रा और पारंपरिक उत्सव इस बार बाधित हुए हैं, और यात्रियों को अपने उत्सव का आनंद स्थानीय स्तर पर ही सीमित करना पड़ेगा।

