महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में हुई हत्या के बाद जब युवक का शव बिहार के शिवहर जिले पहुंचा, तो इलाके में आक्रोश फूट पड़ा। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने खाजेपुर पुल के पास शव को सड़क पर रखकर जोरदार प्रदर्शन किया और शिवहर-मुजफ्फरपुर स्टेट हाईवे को जाम कर दिया।
घटना के बाद अचानक लगे इस जाम से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सैकड़ों वाहन घंटों तक फंसे रहे, जिससे आम राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि यातायात पूरी तरह ठप पड़ गया और लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा।
बताया जा रहा है कि युवक की हत्या मुंबई में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। जैसे ही उसका शव पैतृक गांव पहुंचा, परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने हत्या के आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि जब तक उन्हें न्याय का भरोसा नहीं मिलता, तब तक वे सड़क जाम खत्म नहीं करेंगे। इस दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, वहीं ग्रामीण भी उनके समर्थन में सड़कों पर उतर आए।
सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने-बुझाने की कोशिश की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। हालांकि, शुरुआती दौर में प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की अपील को नजरअंदाज कर दिया और जाम जारी रखा।
काफी मशक्कत और समझाइश के बाद स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आई और जाम हटाया गया। इसके बाद यातायात बहाल हो सका। पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और संबंधित राज्य की पुलिस से भी संपर्क किया गया है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि दूसरे राज्यों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा कितनी सुनिश्चित है। साथ ही, यह भी साफ हुआ कि ऐसी घटनाओं के बाद ग्रामीण इलाकों में आक्रोश किस तरह उभरकर सामने आता है।
फिलहाल, प्रशासन मामले पर नजर बनाए हुए है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दे रहा है।

